’नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2026’’ के समर्थन में ’’जनसमर्थन रैली एवं हस्ताक्षर अभियान’’

- नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2026 महिला सशक्तीकरण की दिशा मंे एक ऐतिहासिक कदम- सुधीर गिरि, संस्थापक अध्यक्ष, वेंक्टेश्वरा शैक्षणिक समूह

- संविधान में निहित ’’राईट टू इक्विलिटी’’ (समानता का अधिकार) के तहत देश के प्रत्येक क्षेत्र में देश आधी सम्मानित मातृशक्ति की भागेदारी भी पचास प्रतिशत सुनिश्चित होनी चाहिए- डाॅ. राजीव त्यागी, प्रतिकुलाधिपति

- नारी शक्ति वंदन अधिनियम की जागरूकता के लिए वेंक्टेश्वरा के छात्र-छात्राऐ पश्चिमी यूपी में चलायेंगे जागरूकता अभियान- प्रो. कृष्णकान्त दवे, कुलपति

    मेरठ । राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एवं यू.जी.सी. के निर्देशों के अनुपालन के क्रम में ’’नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2026’’ के समर्थन में ’’जनसमर्थन रैली एवं हस्ताक्षर अभियान’’ का शानदार शुभारम्भ हुआ। नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2026 के समर्थन में आयोजित जनसमर्थन रैली में प्रतिभाग करते हुए हजारों छात्र-छात्राओं ने इसके समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाकर इस बिल को 2029 के चुनाव से पहले लागू कराने की अपील की। 

 ध्यानंद्र खेल परिसर में आयोजित ’’नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2026’’ का शुभारम्भ संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि, प्रति कुलाधिपति डाॅ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो.कृष्णकान्त दवे, कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय आदि ने रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करके किया। 



अपने सम्बोधन में संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम/बिल-2026 भारत सरकार द्वारा ’’महिला सशक्तीकरण’’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बिल के लागू होने से भारतीय महिलाओ को सभी सरकारी एवं निजी क्षेत्रो में पुरूषो के समान अधिकार मिलेंगे, जो उनका हक बनता है। इससे मातृशक्ति के शिक्षा, स्वास्थ्य कैरियर की दिशा में ऐतिहासिक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। 

विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डाॅ. राजीव त्यागी ने कहा कि कल ही हमने भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती मनायी है, जिनके द्वारा रचित संविधान में ’’राईट टू इक्विलिटी’’ (समानता का अधिकार) यह दर्शाता है कि हर धर्म, समाज, जाति एवं लिंग (पुरूष/स्त्री/ट्रांसजेन्डर) को देश के हर क्षेत्र में समान अधिकार दिया जाये। इसलिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम/बिल-2026 लागू होने से हमारी सम्मानित मातृशक्ति के अधिकारो में ईजाफा होने से उनकी आर्थिक, सामाजिक शैक्षणिक एवं आरोग्य स्थितियों में आमूलचूल पाॅजिटिव सुधार देखने को मिलेगा। 

कार्यक्रम को कुलपति प्रो. कृष्णकान्त दवे, कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय आदि ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर डाॅ. राजेश सिंह, डीन नर्सिंग ऐना ऐरिक ब्राउन, डाॅ.नीतू पंवार, डाॅ. सुमन कुमारी, डाॅ. रीना जोशी, डाॅ. मंजरी राणा, अंकिता श्रीवास्तव, डाॅ.नेहा, डाॅ. प्रीति, डाॅ.अंशु, डाॅ. करूणा, हिमानी, हरप्रीत, अलीषा, स्मिता, इन्दुवाला, जूही, सरजू, अनुषा कर्णवाल, निशा, सुमनदीप कौर, दीक्षा, मेरठ परिसर से निदेशक डाॅ. पंकज एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।

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