सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
15 दिनों में हटाने होंगे सील भवनों के अवैध सेटबैक
आदेश पूरे देश के लिए न की यू पी के लिए
मेरठ।मेरठ के आवास विकास परिषद द्वारा अवैध निर्माण और भू-उपयोग परिवर्तन पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने संपत्ति मालिकों को 15 दिनों का समय दिया है ताकि वे अपने अवैध निर्माण हटाएं। यदि समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं की गई, तो परिषद बुलडोजर से तोड़फोड़ करेगी।
मेरठ। मेरठ के शास्त्री नगर में आवास विकास परिषद की ओर से कॉलोनियों में अवैध निर्माण और भू-उपयोग परिवर्तन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संपत्ति मालिकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए 15 दिनों की समय सीमा निर्धारित की है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि जिन भवनों को सील किया गया है, उनके मालिकों को 15 दिनों के भीतर अपने सेटबैक से अवैध निर्माण हटाना होगा। यह नियम अन्य सभी अवैध निर्माणों पर भी लागू होगा। यदि तय समय सीमा (15 दिन) के भीतर आवंटी स्वयं अवैध निर्माण नहीं हटाते हैं, तो आवास विकास परिषद बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त करेगा।
परिषद द्वारा की जाने वाली तोड़फोड़ की कार्रवाई में जो भी खर्च आएगा, उसका भुगतान संबंधित आवंटी को ही करना होगा। सरकार को पेश करनी होगी पॉलिसी कोर्ट ने भू-उपयोग परिवर्तन के मुद्दे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। अब सरकार को कोर्ट के समक्ष एक स्पष्ट पॉलिसी पेश करनी होगी कि वह आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों और भू-उपयोग परिवर्तन को लेकर क्या नियम बना रही है। अब 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई।
इस दौरान आई डी बी आई की ओर अपना रखते हुए कहा कि बैंक के अंदर 300लॉकर रखे हैं उन्हें निकालने की अनुमति दी जाए ।जिस पर कोर्ट ने लॉकर निकालने की अनुमति दी। साथ ही यह कहा कि आवास विकास लॉकर निकालने की बाद सील की करें।



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