जेब काट कर सराफा कारोबारी के चोरी किए थे 10 लाख के जेवर, दो गिरफ्तार

-लोगों को गुमराह करने के लिए फौजी और पुलिस हेयर कट में रखते थे

-आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाली थी  

मेरठ। पुलिस ने जेब तरशाने वाले एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो लोगों को गुमराह करने लिए फौजी और पुलिस कट में बाल रखता है और फतेहगढ़ से आकर यहां अपराध करता था। इस गिरोह के सरगना समेत दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर दस लाख के जेवर बरामद किए है। दोनों आरोपियों ने गत दिनों बड़े ही शातिराना अंदाज में सराफा कारोबारी की जेब साफ कर जेवर चोरी किए थे। इस गिरोह के दो बदमाश अभी फरार है, जिनकी तलाश में पुलिस की टीम दबिश दे रही है। गिरोह के सरगना के खिलाफ कई जिलों में 20 मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।  

सोमवार के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने अपने आफिस में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया, रोहटा रॉड स्थित नारायण गार्डन निवासी सर्राफ मंगलसेन वर्मा सर्राफ का काम करते हैं।  17 अप्रैल की सुबह 11 बजे रोहटा स्थित अपनी दुकान से ग्राहक को सोने के आभूषण देने के लिए अपनी दुकान से निकले थे। रेलवे रोड थाने के सामने से उन्होंने हापुड़ अड्डा जाने के लिए ई-रिक्शा पकड़ा। रास्ते में घंटाघर से दो युवक और जिला अस्पताल के पास से एक महिला रिक्शा में सवार हुई थी। बुढाना गेट चौकी के पास एक युवक अचानक किराया दिए बिना ई-रिक्शा से कूदकर भाग गया। पीड़ित जब इंदिरा चौक पास पहुंचा तो देखा कि उसकी पैंट की जेब कटी हुई है और उसमें रखी जेवरों की थैली गायब है, जिसमें दस लाख के जेवर थे। पीड़ित ने देहली गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया। एसपी सिटी ने बताया, आरोपियों को पकड़ने के लिए सीओ कोतवाली अभिषेक पटेल के नेतृत्व में दो टीमें गठित की गई थी। आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस ने 500 स्थानों पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली तो एक फुटेज में बदमाश कैद हो गए। इसके बाद देहली गेट थाना प्रभारी अतुल कुमार ने टीम के साथ जाल बिछाकर दो आरोपी कुलदीप उर्फ रोहित उर्फ भेला और साजन उर्फ फौजी निवासीगण महरूपुर रावी गांव थाना कमालगंज जिला फतेहगढ़ को चोरी किए गए दस लाख के जेवरों के साथ गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया, गिरोह में चार सदस्य है और सरगना कुलदीप है। उस पर  मेरठ के अलावा लखनऊ, आगरा, कन्नौज,बरेली और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में 20 से मुकदमे हैं।

किसी को शक न हो, रहते थे पुलिस व फौजी अंदाज

एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया, आरोपी लोगों को गुमराह करने के लिए पुलिस व फौजी अंदाज में रहते थे और हेयर कटिंग भी उसी स्टाइल में कटा कर रखते थे। लंबे समय से यह गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों में जेब काटकर वारदात कर रहा था। वारदात से पहले गिरोह का एक सदस्य पहले रेकी करता है और बुजुर्ग या व्यापारी को टारगेट बनाता है। इसके बाद एक बदमाश ई-रिक्शा या ऑटो में उक्त व्यक्ति के पास सट कर बैठ जाता है, जिसको टारगेट करना होता है और ब्लेड से जेब काट लेता था। वारदात के दौरान उनका एक साथी बाइक पर पीछे चलता है। वारदात के बाद आरोपी बाइक पर बैठकर फरार हो जाते थे। रास्ते में पुलिस परेशान न करे, इसलिए पुलिस व फौजी कट में बाल रखते हैं।  

No comments:

Post a Comment

Popular Posts