देर रात पुलिस ने हटाया व्यापारियों का धरना
आवास विकास के कार्यालय के सामने बैठ कर ध्वस्तीकरण का विरोध कर रहे थे सेंट्रल मार्केट के व्यापारी
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के व्यापारी ने आवास विकास के अधिकारियों के खिलाफ शुरू किए गए धरने को पुलिस ने देर रात हटवा दिया। धरने के दौरान कई बार हुई प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता हर बार विफल ही रही ।इसके बाद पुलिस ने रात में धरना खत्म काया और साथ में विरोध कर रहे व्यापारियों को रात में ही थाने भी ले आई और आवास विकास के के कार्यालय के बाहर लगे टेंट को भी उखाड़ दिया।
व्यापारियों ने शुक्रवार की सुबह सेंट्रल मार्केट में एक बैठक का आयोजन किया था। इसके बाद उन्होंने आवास विकास के कार्यालय पर आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुरुना और आवास विकास के अधिकारियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू किया। देर रात को सीओ सिविल लाइन व एसीएम व्यापारियों को समझाने के लिए पहुंचे । लेकिन व्यापारी टस से मस नहीं हुए तो रात लगभग 12 बजे नौचंदी थाना प्रभारी इलम सिंह बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ धरना स्थल पहुंचे और धरना खत्म कर विरोध करने वाले व्यापारियों को लेकर थाने आ गए।
किसान मजदूर संघ के महानगर अध्यक्ष विजय राघव शनिवार को बुद्धि शुद्धि यज्ञ की घोषणा से पुलिसअधिकारियों का गुस्सा सातवे आसमान पर पहुंच गया। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी व एसीएम ने धरने को गैर कानूनी बताते हुए टेंट उखाड़ दिया। विजय राघव को लेकर थाने में ले जाया गया।
आवास विकास के अधिकारियों के अनुसार न्यायालय ने जो समय छह हफ्ते का दिया था वह 10 मार्च को पूरा होने जा रहा है। ऐसे में व्यापारी हर एक कोशिश अपने प्रतिष्ठानों को बचाने की कर रहे है लेकिन अभी तक उन्हें कोई ऐसी सफलता नहीं मिली है जिस से वह राहत महसूस कर सकें। तीन दिन का शेष समय बचा है। व्यापारी अपने अवैध निर्माण को स्वंय तोड़े नहीं आवास विकास बुलडोजर चलाने वाला है।
व्यापारियों की गुटबाजी भी आई नजर
इस पूरे प्रकरण में व्यापारियों की आपसी गुटबाजी भी साफ तौर पर देखने को मिल रही है। शास्त्रीनगर के सेक्टर 2,3,5 के साथ अन्य कई जगहों के व्यापारियों ने धरने और बैठकों का समर्थन करने से इनकार कर दिया । इसके साथ ही उन्होंने शुक्रवार सुबह के समय एक ज्ञापन एडीएम को सौंपकर नियमित रूप से अपनी दुकानें भी खोली।


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