एलपीजी गैस सिलेंडर पर संसद में हंगामा
- विपक्ष ने सरकार पर लगाया गलत जानकारी देने का आरोपनई दिल्ली (एजेंसी)।ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी को लेकर संसद में भी हंगामा हुआ। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सदन के बाहर विरोध-प्रदर्शन भी किया।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर एलपीजी गैस की कमी को लेकर केंद्र सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों को कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके कारण ढाबे, रेस्तरां और होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। उनके अनुसार स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करना अतिरंजित कदम था। उनका कहना था कि इस संकट पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “दिलचस्प बात यह है कि कच्चे तेल की कीमत कल 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बाद घटकर 90 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इसलिए कच्चे तेल की कीमत में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने भी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देशभर में एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के आश्वासन गलत साबित हुए हैं।
'मुद्दे को संसद में उठाएंगे'
सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद वी. शिवदासन ने कहा, “कई होटल बंद हो गए हैं और गैस की कमी के कारण कई परिवार परेशान हैं। केंद्र सरकार इस समस्या का सही ढंग से समाधान करने को तैयार नहीं है। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और हमारी पार्टी संसद के बाहर भी इसे उठाएगी। साथ ही मूल्य वृद्धि के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा।”


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