के वीईसी के नाम पर गैस उपभोक्ताओं के से वसूले जा रहे पैसे 

 सीएम योगी के आदेश की अवहेलना कर रहे गैस एजेंसी संचालक 

 मेरठ।  शहर में एलपीजी सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इमलियान क्षेत्र की गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां लोग घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि केवाईसी के नाम पर उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं, जबकि जिला प्रशासन ने स्टॉक की कोई कमी न होने का दावा किया है।

सुबह से ही गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने के लिए पुरुषों और महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें यह भी नहीं बताया जा रहा है कि गैस कब मिलेगी। कई लोगों ने बताया कि उनकी बुकिंग नहीं हो पा रही है और उन्हें बार-बार अलग-अलग तारीखें (जैसे 10 या 15 तारीख) बताई जा रही हैं।उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि गैस एजेंसी के कर्मचारी केवाईसी अपडेट करने के नाम पर 200 रुपये की मांग कर रहे हैं। नजरीन नामक एक महिला ने बताया कि उनसे भी 200 रुपये मांगे गए। कुछ अन्य उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि वे पहले ही दो बार केवाईसी करवा चुके हैं, लेकिन फिर भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है। जबकि नियमानुसार के वाईसी में सिर्फ और सिर्फ आपका आधार नम्बर चाहिए । 

एजेंसी के बाहर अव्यवस्था का आलम है। एजेंसी ने बाहर से गेट बंद कर रखा है, जिससे लोगों को अंदर जाने में परेशानी हो रही है। यहां महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे भीड़ और अव्यवस्था बढ़ रही है। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ घंटों लाइन में खड़ी रहने को मजबूर हैं।

एलपीजी सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक, नहीं होने देंगे कालाबाज़ारी

इस संबंध में जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में एलपीजी सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। प्रशासन ने कालाबाजारी करने वाली गैस एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। बताया गया है कि कालाबाजारी के आरोप में कई एजेंसियों पर मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।

 लापरवाही के मामले में तीन गैस एजेंसियों पर हो चुकी है एफआईआर 

 गैस एंजेसी पर आम उपभोक्ताओं को आसानी से गैस उपलब्ध हो सके इसके लिए बकायदा  सीएम व डीएल की और से गाईड लाइन जारी की गयी है। इसके बाद भी गैस एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं को उत्पीड़न करने से बाज नहीं आ रहे है। अभी तक शहर के तीन गैस एजेंसी संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसके बाद गैस एजेंसी संचालकों में कोई सुधार होता नहीं दिखाई दे रहा है। 


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