एयरटेल और गूगल ने भारत में सुरक्षित आरसीएस मैसेजिंग के जरिए स्पैम सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए साझेदारी की

भारत में एआई आधारित, अधिक सुरक्षित रिच मैसेजिंग अनुभव की शुरुआत

मेरठ । भारत की अग्रणी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों में से एक भारती एयरटेल और गूगल ने भारत में लाखों उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित और प्रभावशाली मैसेजिंग अनुभव प्रदान करने के लिए साझेदारी की घोषणा की है। एयरटेल की नेटवर्क इंटेलिजेंस और गूगल के रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज (आरसीएस) प्लेटफॉर्म तथा स्पैम फिल्टरिंग को एक साथ लाने से उपयोगकर्ता अच्छी गुणवत्ता  वाली फोटो और वीडियो का अनुभव कर सकते हैं। वे मैसेज रिएक्शन जैसे इंटरएक्टिव विकल्पों का भी लाभ उठा सकते हैं। साथ ही उन्हें उन्नत सुरक्षा व्यवस्था का लाभ मिलेगा जो मोबाइल स्पैम और डिजिटल धोखाधड़ी को काफी हद तक कम कर देता है।

भारती एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा, “एयरटेल में हम ग्राहक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और स्पैम के खिलाफ भारत की लड़ाई का नेतृत्व करने के लिए लगातार अग्रिम पंक्ति में बने हुए हैं। हम डेटा, स्मार्ट नेटवर्क और लगातार नवाचार का उपयोग करते हैं ताकि हमारे ग्राहक हर स्तर पर सुरक्षित रहें। एक अग्रणी पहल के तहत अब हमने गूगल के साथ साझेदारी की है, ताकि दूरसंचार दायरे से आगे बढ़कर ग्राहक सुरक्षा का विस्तार किया जा सके और रिच मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। अब हम अन्य ओटीटी कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म से भी अपील करते हैं कि वे हमारे साथ मिलकर काम करें और सुनिश्चित करें कि ग्राहक स्पैम और वित्तीय धोखाधड़ी के खतरे से सुरक्षित रहें।”

एयरटेल और गूगल के बीच यह अभिनव साझेदारी उसी कमी को दूर करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि आधुनिक मैसेजिंग सेवाओं में भी दूरसंचार स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का विस्तार किया जा सके। आरसीएस प्लेटफॉर्म में एयरटेल की नेटवर्क इंटेलिजेंस और गूगल की मौजूदा स्पैम सुरक्षा को जोड़कर दोनों कंपनियां एक सुरक्षित, ऑपरेटर समर्थित मैसेजिंग सेवा का नया मानक स्थापित कर रही हैं।

गूगल में एंड्रॉयड इकोसिस्टम के प्रेसिडेंट, समीर समत ने कहा, “भारत में एयरटेल के साथ यह अग्रणी पार्टनरशिप सुनिश्चित करती है कि मोबाइल उपयोगकर्ता आत्मविश्वास के साथ संवाद कर सकें। हम वैश्विक स्तर पर अन्य दूरसंचार ऑपरेटरों के व्यापक नेटवर्क के साथ काम जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि मैसेजिंग सुरक्षा के मानकों को एकरूप बनाया जा सके और दुनिया भर के सभी आरसीएस मैसेजिंग उपयोगकर्ताओं के लिए एक समान और विश्वसनीय अनुभव तैयार किया जा सके।”

एयरटेल और गूगल का यह सहयोग दुनिया में अपनी तरह का पहला उदाहरण है, जो दिखाता है कि टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (टीएसपी) और ग्लोबल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म किस प्रकार मिलकर ओटीटी मैसेजिंग पर सुरक्षा, जांच और जवाबदेही के लिए वही उपाय लागू कर सकते हैं, जो उपाय लंबे समय से दूरसंचार नेटवर्क में मौजूद हैं।

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