निजी अस्पताल की मालिक व दो कर्मी गिरफ्तार
बच्ची को गोद देने के नाम पर 2.60 लाख रुपये मांग रहे थे
नोएडा। नाेएडा थाना ए.एच.टी. और बिसरख पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में एक गंभीर मामले का खुलासा किया है, जिसमें एक निजी अस्पताल में कार्यरत लोगों ने एक बच्ची को गोद दिलाने के बहाने एक महिला से 2 लाख 60 हजार रुपये की मांग की थी। पुलिस ने इस ठगी के प्रयास को नाकाम करते हुए बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया और अस्पताल की मालिक समेत दो अन्य कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया।
चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से थाना ए.एच.टी. को सूचना मिली कि थाना बिसरख क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में कार्यरत एक कर्मचारी बच्ची को गोद देने के नाम पर 2.60 लाख रुपये मांग रहा है। इस सूचना पर दोनों थानों की पुलिस ने तुरंत संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पीड़िता से संपर्क स्थापित किया और बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेश पर बच्ची को साईं कृपा शेल्टर होम भेज दिया गया है।
इस प्रकरण में थाना बिसरख पर मुकदमा दर्ज किया गया और तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया इनमे अस्पताल की मालिक यशिका गर्ग निवासी रोहताश नगर, शाहदरा,वर्तमान निवासी पतवाड़ी, थाना बिसरख, गौतम बुद्ध नगर), गजेन्द्र सिंह , सफाई कर्मी। निवासी: ग्राम माचड़, थाना जहाँगीरपुर, बुलंदशहर और रंजीत सिंहऑपरेशन थियेटर टैक्नीशियन। निवासी डिबाई बुलंदशहर शामिल है।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई बच्ची के हितों की रक्षा और अवैध/ठगीपूर्ण गोद लेने की प्रक्रियाओं पर अंकुश लगाने के लिए की गई है। जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना गोद लेने की प्रक्रिया में सतर्कता बरतने की आवश्यकता को दर्शाती है, क्योंकि कानूनी रूप से गोद लेना केवल अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से ही संभव है और इसमें कोई आर्थिक लेन-देन नहीं होता।


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