शब्बीर अहमद शाह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
टेरर फंडिंग केस में 2019 से जेल में थेनई दिल्ली (एजेंसी)।सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को टेरर फंडिंग मामले में जमानत दे दी। उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 4 जून 2019 को गिरफ्तार किया था। अदालत ने लंबे समय से चल रही न्यायिक हिरासत और ट्रायल में सामने आई कुछ अनियमितताओं पर भी गंभीर टिप्पणी की।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता शामिल थे, ने कहा कि शाह को जमानत दी जा रही है। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा और जमानत कुछ सख्त शर्तों के साथ दी जाएगी।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने शब्बीर अहमद शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस की दलीलें सुनीं। उन्होंने अदालत में पुनः तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि शाह लंबे समय से जेल में हैं और मुकदमे की प्रक्रिया अभी भी लंबित है। वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने पक्ष रखा और जमानत का विरोध किया।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने ट्रायल की प्रक्रिया में कुछ विसंगतियों की ओर भी संकेत किया। अदालत ने कहा कि मामले में मुकदमा अपेक्षा से अधिक लंबा खिंच रहा है और आरोपी लंबे समय से जेल में है। इसी आधार पर अदालत ने फिलहाल शब्बीर अहमद शाह को जमानत देने का फैसला किया।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में 4 जून 2019 को शब्बीर अहमद शाह को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप था कि यह मामला कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए कथित तौर पर धन जुटाने से जुड़ा है।


No comments:
Post a Comment