उधार चुकाने के लिए बेटी के अपहरण की पिता ने रची साजिश
, पुलिस ने खुलासा कर आरोपी को दबोचा
मेरठ। कंकरखेड़ा के 15 वर्षीय हनी की अपहरण व फिरौती की गुत्थी को पुलिस ने 48 घंटे से पहले ही सुलझा लिया। हनी का अपहरण हुआ ही नहीं था। उसके पिता ने ही अपहरण व फिरौती की कहानी रच दी थी। पुलिस ने हनी को सकुशल बरामद करते हुए आरोपी हनी के पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
कंकरखेड़ा की एक कालोनी में रहने वाले दीपक ने सोमवार रात थाने पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी कि उनका 15 वर्षीय बेटा हनी लापता हो गया है। उन्होंने बताया कि बेटा शाम करीब 6 बजे जिम जाने के लिए निकला था लेकिन फिर वापस नहीं आया। पुलिस ने रात में ही मुकदमा दर्ज किया और बच्चे की तलाश शुरु कर दी।
अगले दिन मिला धमकी भरा पत्र
अभी पुलिस ने छानबीन शुरु ही की थी कि मंगलवार सुबह पिता दीपक घबराया हुआ कंकरखेड़ा थाने आया। उसने एसएचओ विनय कुमार को बताया कि उनको एक धमकी भरा पत्र मिला है, जिसमें उनके बेटे को सकुशल लौटाने की एवज में छह लाख रुपये की मांग की गई है।
छानबीन में कहानी लगी झूठी
रंगदारी का लेटर मिलने के बाद हड़कंप मच गया। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, सीओ दौराला प्रकाश चंद्र अग्रवाल मौके पर पहुंचे और पिता दीपक से बातचीत की। पुलिस को काफी कुछ अटपटा लग रहा था। पुलिस ने पिता से मिली जानकारी का सीसीटीवी कैमरे से मिलान किया तो वह गलत निकला। पिता के बताए समय पर हनी वहां था ही नहीं।
फिरौती के लेटर की कहानी भी झूठी
पुलिस लाइन में पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी ने बताया कि दीपक की बातों पर शक गहरा रहा था। उसने फिरौती के लेटर के बारे में बताया कि यह उन्हें मॉल रोड पर मिला। वह अपनी कार से जा रहे थे, इसी दौरान बाइक सवार बदमाश कार में लेटर फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने कैमरे चेक किए तो यह कहानी भी झूठी साबित हुई।
सख्ती से पूछताछ में खुली हकीकत
एसपी सिटी ने बताया कि जब दीपक से सख्ती की गई तो उन्होंने अपहरण व फिरौती का सच उगल दिया। एसपी सिटी ने बताया कि दीपक ऑन लाइन गेम में दो लाख रुपये हार गए थे। गेम खेलने के लिए ऑनलाइन लोन लिया लेकिन वह रकम भी हार गए।
छह लाख के नीचे आने के बाद उन्होंने षड्यंत्र रच डाला। उनका पत्नी से विवाद चल रहा है। दीपक का मानना था कि अगर बेटे की बात आएगी तो उसकी पत्नी अपने पास से छह लाख रुपया दे देगी लेकिन उससे पहले ही कहानी खुल गई।
रिश्तेदार के यहां भेजा बेटे को
एसपी सिटी ने खुलासा किया कि दीपक ने अपने बेटे को मुरादनगर एक रिश्तेदार के यहां छिपा दिया था। बोल दिया था कि जब तक वह ना कहे, वापस ना आए। फिरौती के लेटर की कहानी को भी सच साबित करने के लिए दीपक ने अपने रिश्तेदार पर हां में हां मिलाने का दबाव बनाया था। इसके बाद पुलिस ने हनी को सकुशल बरामद कर दीपक को गिरफ्तार कर लिया


No comments:
Post a Comment