कानपुर पुलिस का बड़ा एक्शन
नशे के तस्करों से मिलीभगत पर दरोगा समेत 4 पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस आयुक्त की गोपनीय जांच में हुआ बड़ा खुलासा
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) में सामने आया संदिग्ध कनेक्शन
कानपुर। शहर में अवैध नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच कानपुर पुलिस ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बुधवार को एक दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई इन पुलिसकर्मियों के मादक तस्करों के साथ संदिग्ध संपर्क की पुष्टि होने के बाद की गई है।
कुछ दिन पहले सांसद रमेश अवस्थी ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथपुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से मुलाकात कर नशे के बढ़ते कारोबार पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने आशंका जताई थी कि कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत के कारण ही यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है और युवा पीढ़ी इसकी चपेट में आ रही है। पुलिस आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशन्स) सुमित सुधाकर रामटेके के नेतृत्व में एक टीम गठित कर मामले की गोपनीय जांच शुरू करवाई।
CDR जांच में सामने आई मिलीभगत जांच के दौरान जब पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की पड़ताल की गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि ये पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान मादक तस्करों के लगातार संपर्क में थे।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में शामिल हैं:
दरोगा श्रवण कुमार (पनकी मंदिर थाना)
हेड कांस्टेबल रंजीत कुमार (काकादेव थाना)
हेड कांस्टेबल कमलाकांत (पुलिस लाइन)
हेड कांस्टेबल जितेंद्र प्रताप सिंह (सचेण्डी थाना)
इन सभी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस आयुक्त ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है और यह संदेश साफ है कि नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


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