विकासखंड रोहटा में चर्म शोधन इकाईयों में मिली अधिकारियों को खामिंयां 

अंतिम निस्तारण हेतु सर्वेक्षण किए जाने के निर्देश दिए

 मेरठ। जिलाधिकारी  के निर्देश के बाद शुक्रवार को टीम ने  ग्राम डूंगर विकासखंड रोहटा जनपद मेरठ में स्थित चर्म शोधन इकाइयों हेतु निर्मित परिसर से निकलने वाले प्रदूषण उत्पादों के निस्तारण ड्रेन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय स्थल पर चर्म शोधन का कार्य किया जाता पाया गया। चर्म शोधन इकाइयों से जनित उत्त प्रभाव के शोधन हेतु परिसर में ई.टी.पी स्थापित नहीं है। 

परिसर का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं पाया गया। परिसर से जनित प्रदूषण उत्साह परियोजना हेतु बिछाई गई पाइप लाईन के माध्यम से ड्रेन में निस्तारित होता पाया गया। उक्त ड्रेन ग्राम आजमपुर स्थित तालाब में मिलती पाई गई। मौके पर चर्म शोधन संस्थान से जनित प्रभाव के शुद्धीकरण हेतु ई.टी.पी. प्रस्ताव तैयार किए जाने हेतु परामर्शी अभियंता एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। ग्राम डूंगर स्थित चर्म शोधन इकाइयों से निकलने वाले उत्प्रवाह ड्रेन के माध्यम से ग्राम आजमपुर स्थित तालाब में मिलता है। तालाब में जलीय पौधे उपलब्ध पाए गए। तालाब के किनारे साफ सफाई संतोषजनक नहीं पाई गयी। तालाब के प्रदूषण के समय प्राय: किसान दिवस का प्राप्त होती रहती हैं। ग्राम आजमपुर में से तालाब के दूसरे सिरे पर पक्की ड्रेन निर्मित है, जोकि गांव के बाहर जाती है।मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तालाब में इकाईयों के गंदे पानी को मिलने से रोकने हेतु नाली के निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाए। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं उपस्थित परामर्शी अभियंता को गांव के बाहर जाने वाली नाली के उपरांत प्रभाव को मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तालाब में इकाईयों के गंदे पानी को मिलने से रोकने हेतु नाली के निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाए। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं उपस्थित परामर्शी अभियंता को गांव के बाहर जाने वाली नाली के उपरांत प्रभाव को अंतिम निस्तारण हेतु सर्वेक्षण किए जाने के निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान  राजेंद्र प्रसाद क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वीरेंद्र कुमार जिला पंचायत राज अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान एवं अन्य ग्रामवासी उपस्थित रहे।।


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