पर्यावरण वैज्ञानिक विज्ञान घर पहुंचे
मेरठ। सोमवार को विज्ञान घर की तैयारी के चलते पारिस्तिथिकी सन्तुलन को बनाये रखने के लिए राजस्थान के पर्यावरण वैज्ञानिक डा0 सत्यप्रकाश मेहरा विज्ञान घर पहुॅचे उन्होने साथ आये भानुप्रताप सिंह के साथ मिलकर पुरा अवलोकन किया साथ हि दिवार के साथ कई तीन लेयर की प्राकृतिक गार्डन बनाने के लिए बताया कि सबसे पहले पहली लेयर ऐसी बेल जो औषधीय,सौन्दर्यकरण और पोषक तत्व देने वाली चिरमी,शिकाई , शतावरी,पेसन फ्रुट,मोंगरा,अपराजिता लगाने की बात कही साथ ही बीच बीच में बांस लगाने के लिए कहा।
दूसरे स्तर पर हैज पर्त जैसे चमेली,मेंहदी,वसाका,गुडहल और उनके 10 10 फीट के अन्तराल पर पालीनेटर वाली वृक्ष जैसे सेमल,कचनार और मोरिंगा आदी के वृक्ष तीसरे लेयर के रूप में ग्राउण्ड वाले पौधे जैसे लेमन ग्रास,ग्वार पाठा आदि पानी के स्त्रोत पर खस,कास और कुश लगाने के लिए बोला जहॉं गन्दा पानी आता हो वहॉं पर केली,अरबी,कन्द,पत्ते वाले और पपाया को लगाये लेकिन उस समय आनलाइन उपस्थित प्रो0सेंगर ने कहा कि केली व पपाया से सांप आयेंगे तो उन्होने कहा कि मरूआ और जंगली तुलसी लगाने से सॉंप नहीं आयेंगे।
डा. मेहरा ने मच्छर ना आये इसके लिए गेंदा और लेमनग्रास लगाये। साथ ही सेंगर ने कहा कि दिमक ना आये इसके लिए एक-एक मिटर पर 2 से 2 .5 फिट गहरे गढडे में एक बराल्टी 60 क्लोरापायरीफास का घेल डाल दे।सभी को दीपक शर्मा ने धन्यवाद दिया। उसके बाद डा0 मेहरा ऋषिकेश के लिए रवाना हो गये।


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