सेंट्रल मार्केट के लिए ध्वस्तीकरण पुलिस फोर्स मांगी
ध्वस्तीकरण के खौफ से दुकानदारों ने हटाना शुरू किया सामान
मेरठ। सेंट्रल मार्केट मामले में आवास एवं विकास परिषद ने अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण के लिए तैयारी शुरू कर दी है। परिषद अधिकारियों ने पुलिस फोर्स की मांग 'की है। आज परिषद अधिकारी एसएसपी से भी मिलने का प्रयास करेंगे। सोमवार को लखनऊ से मेरठ पहुंचे परिषद के उच्चाधिकारियों ने तैयारियों का जायजा लिया और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन के निर्देश दिए।
सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को सेंट्रल मार्केट समेत आसपास हुए सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। परिषद को छह सप्ताह के अंदर कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। परिषद अधिकारियों ने अभी तक की कार्रवाई में व्यापारियों की दुकानों पर नोटिस चस्पा करते हुए फ्रंट सेटबैक छोड़ने के लिए दुकानों पर लाल निशान लगाए हैं, जिससे दुकानदार निशान तक अपनी दुकानों में हुए अवैध निर्माण को स्वयं हटा लें। कुछ व्यापारियों ने अवैध निर्माण हटानेशुरू कर दिए हैं लेकिन अभी भी एक हजार से ज्यादा अवैध निर्माण कार्रवाई की जद में हैं। परिषद ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस बल के साथ अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण शुरू होना है। अधिकारियों ने बताया कि पीएम के दौरे के चलते पुलिस बल नहीं मिल पा रहा था। अब पुलिस फोर्स की मांग की जाएगी।
नर्सिग होम आवास में बदला
शास्त्री नगर के सैट्रल मार्केट में जहां दुकानों में ध्वस्तीकरण का खौफ दिखाई दे रहा है। वहीं नर्सिंग होम वाले भी दहशत में है। सैक्टर पांच में सुमित नर्सिग है। जहां पहले मरीज भर्ती होते थे। लेकिन आवास के नोटिस के बाद सीएमओ कार्यालय ने नर्सिग होम का लाइंसेस निलंबित कर दिया था। अब सिर्फ डा उमेश अग्रवाल ओपीडी करते है। नर्सिग होम बकायदा बोर्ड लगा था। जैसे जैसे ध्वस्तीकरण की तारीख नजदीक आती जा रही है। नर्सिग होम ने पहली मंजिंल के बाहर लगे एम्यूमिनियम की विंडा हटा दिया है। नर्सिंग होम में बने मेडिकल स्टोर के शटर को हटा कर दीवार बनानी आरंभ कर दी हे। जहां पहले नर्सिग होम चलता था अब चिकित्सक ने अपने आवास का बोर्ड लगा दियाहै। जिन दुकानों का ध्वस्तीकरण होना है। उन्होंने भी अपनी दुकानों को सामान हटाना आरंभ कर दिया है।


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