शाहजहॉ़पुर स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय रैंगिंग प्रकरण
जूनियर एमबीबीएस के छात्रों की रैगिंग करना पड़ा सीनियर छात्रों पर भारी
2024,2021 के एमबीबीएस के दर्जनों छात्रों पर जांच कमेटी ने लगाया 5 लाख का जुर्माना
2024 बेंच के सभी छात्रों पर लगाया गया जांच कमेटी जुर्माना
आर्थिक दंड के साथ कई एमबीबीएस के छात्र छात्रावास से 60 दिन के लिए किया निष्कासत
शाहजहांपुर । शाहजहॅापुर स्थित स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के 2024ओर 2021 के एमबीबीएस के छात्रों को 2025 के छात्रों की रैगिंन करना भारी पड़ गया है। शिकायत के बाद की गयी जांच में कमेटी में 2024 ,2021 के एमबीबीएस के छात्र दोषी पाए गये है।आरोपित एमबीबीएस छात्राों के खिलाफ पांच लाख रूपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ 2024,2021 बेंच के एमबीबीएस के छात्रों के पांच हजार का अतिरिक्त जुमार्ना लगाते हुए जांच कमेटी ने 60 दिन के हाॅस्टिल से निष्कासित कर दिया है। इतना ही नहीं हॉस्टिल से निष्कासित छात्रों को यह भी निर्देश दिए गये है। कि अपने -अपने बैच के सभी चालू शैक्षणिक सत्र में सौ फीसदी उपस्थित अनिवार्य होगी। जांच कमेटी के भारी भरकम जुर्माने से मेडिकल काॅलेज में हड़कंप मचा हुआ है।
राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन से शिकायत संख्या- यूपी 0743 के रूप में बुधवार, 21 जनवरी 2026 को दोपहर 3:11 बजे एक ईमेल प्राप्त हुआ (संलग्नक-1)। इसके परिणामस्वरूप, मामले की जांच के दौरान 03/02/2026 को शाम 6:22 बजे यूपी_0761 के रूप में एक अन्य शिकायत भी ईमेल द्वारा प्राप्त हुई (संलग्नक-2)।
ईमेल में कॉलेज प्रशासन को सूचित किया गया कि शाहजहाँपुर स्थित स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के एमबीबीएस प्रथम वर्ष (बैच 2025) के छात्रों द्वारा एमबीबीएस बैच 2024 के छात्रों राहुल, हुदा नाज़ और शाहरीन जाफरी के खिलाफ रैगिंग की शिकायत रैगिंग विरोधी हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गई है। अनुरोध किया गया कि मामले की विस्तृत जांच की जाए और निर्धारित प्रारूप के अनुसार जल्द से जल्द एआरसी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए तथा पीड़ित को परामर्श दिया जाए ताकि वह सुरक्षित महसूस करे और उसे पता चले कि अधिकारी उसके साथ हैं और उसकी शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। यह भी अनुरोध किया गया है कि पीड़ित की पहचान उजागर न की जाए।
पत्र प्राप्त होने पर, मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन/ प्राचार्य डा. राजेश कुमार ने रैगिंग विरोधी कमेटी बनायी। जिसमें डिप्टी चेयरमैन डा .नीरा गोयल, डा.अमित कुमार सैक्सेना,मेम्बर सक्रेटरी मनीश कुमार दिवाकर, डा. रेशू अग्रवाल, डा. मो. फैयाज, डा. दीपांशी, डा. विशाल प्रकाश गिरी, डा.जय प्रकाश सिंह, डा.किरन मलिक,डा. एमएल अग्रवाल, एबीबीएस के छात्र छात्रा को रखा गया।
रैगिंग विरोधी समिति के उपाध्यक्ष और सदस्य सचिव, मुख्य वार्डन, वार्डन और सहायक वार्डन को मौखिक और लिखित रूप से तत्काल निर्देश दिया गया कि वे शिकायत से संबंधित तथ्यों का पता लगाएं और पीड़ित से मिलकर उसे परामर्श दें ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
टीम ने नियमित रूप से लड़कियों और लड़कों के छात्रावासों और अन्य स्थानों का दौरा किया है, लेकिन किसी भी छात्र से रैगिंग से संबंधित किसी भी कृत्य की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।शिकायत मिलने पर, रैगिंग विरोधी समिति के सदस्यों द्वारा यह पता लगाने के लिए गहन जांच की गई कि क्या छात्रों के साथ रैगिंग हुई थी। समिति के सदस्यों ने 21 जनवरी 2026 से 2021, 2023, 2024 और 2025 बैच के छात्रों से बातचीत की।
एमबीबीएस बैच 2025 के अधिकांश छात्रों ने समिति के सदस्यों को मौखिक रूप से बताया और लिखित बयान दिया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि उनके वरिष्ठ छात्र उनके प्रति बहुत सहयोगी हैं और हमेशा उनकी मदद करने की कोशिश करते हैं। किसी भी वरिष्ठ छात्र ने किसी भी कनिष्ठ छात्र के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। लेकिन कुछ छात्रों ने लिखित में बताया कि वरिष्ठ छात्रों ने उन्हें छात्रावास में उचित ड्रेस कोड पहनने और वरिष्ठों की प्रैक्टिकल मैनुअल लिखने के लिए कहा था, लेकिन किसी भी वरिष्ठ का नाम नहीं बताया। इसके बाद दोषी का नाम पता लगाने के लिए पर्ची के रूप में गुप्त मतदान किया गया। एआरसी को उस पर्ची में एमबीबीएस बैच 2024 के दो छात्रों - शिखर गुप्ता और शाश्वत उपाध्याय के नाम मिले और व्हाट्सएप चैट की जांच के बाद शिखर गुप्ता की संलिप्तता की पुष्टि हुई।
हुदा नाज़ और शाहरीन जाफरी, जो एमबीबीएस बैच 2024 की छात्राएं हैं और उपरोक्त शिकायत की मुख्य आरोपी हैं, उनकी संलिप्तता व्हाट्सएप चैट और एआरसी सदस्यों के सामने कुछ छात्रों के बयानों से सिद्ध हुई। एक अन्य आरोपी छात्र राहुल, 2024 बैच का छात्र नहीं था।
व्हाट्सएप चैट की जाँच करने पर, 2024 बैच के कुछ और छात्रों की भी रैगिंग में संलिप्तता पाई गई, जिनमें आदर्श कुमार, अंशिका, अंशिका कुमार, आशिका सिंह, दीक्षित, कनाओजिया, अंकिता सुभाष, मुस्कान मीना, नैन्सी गुप्ता, नीकिता यादव, नेहा, निकिता चौधरी, पलक सिंह, प्रज्ञा, रिज़ा अंसारी, सैफ अली रज़ा, साक्षी बिंद्रा, तृप्ति कुशवाहा, वंशिका गुप्ता, शशवत उपाध्याय, शिखर गुप्ता, हुदा नाज़ और शाहरीन जाफरी शामिल हैं।
2024 और 2025 बैच के छात्रों से बातचीत के बाद, समिति के सदस्यों ने 2023 बैच के वरिष्ठ छात्रों को बुलाया। वरिष्ठ छात्रों ने रैगिंग विरोधी समिति के सदस्यों को मौखिक रूप से बताया और कुछ ने लिखित बयान दिया कि उन्होंने अपने कनिष्ठों के साथ शालीनता से बातचीत की थी।
वरिष्ठों की प्रैक्टिकल मैनुअल लिखने से संबंधित शिकायत के मद्देनजर, एमबीबीएस बैच 2021 के सभी छात्रों को 10/02/2026 को लेक्चर थिएटर में एआरसी के समक्ष अपनी प्रैक्टिकल मैनुअल के साथ उपस्थित होने के लिए बुलाया गया था। उनकी लिखावट का मिलान उनकी लिखित प्रैक्टिकल मैनुअल से किया गया। 98 छात्रों में से 50 छात्रों की लिखावट सही पाई गई।नियमावली में विसंगति पाई गई, साथ ही जांच प्रक्रिया के दौरान अनुपस्थित रहे 20 छात्रों पर भी संदेह जताया गया ।एआरसी सदस्यों को एमबीबीएस बैच 2023 और किसी अन्य बैच के छात्रों की संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला।रैगिंग विरोधी समिति ने एनएमसी की रैगिंग विरोधी अधिसूचना के अनुसार अपराध की गंभीरता को देखते हुए बैच 2024 और बैच 2021 के छात्रों को निम्नलिखित दंड देने का निर्णय लिया।
इन पर लगाया गया जुर्माना
1. एमबीबीएस बैच 2024 के सभी छात्रों पर सामूहिक रूप से एक लाख रुपये का आर्थिक दंड (प्रति छात्र 1000 रुपये)।
2. आदर्श कुमार, अंशिका, अंशिका कुमार, आशिका सिंह और दीक्षित नामक उन्नीस छात्रों पर भी दंड लगाया गया। एमबीबीएस बैच 2024 के , अंकिता सुभाष, मुस्कान मीना, नैन्सी गुप्ता, नीकिता यादव, नेहा, निकिता चौधरी, पलक सिंह, प्रज्ञा, रिज़ा अंसारी, सैफ अली रज़ा, साक्षी बिंद्रा, तृप्ति कुशवाहा, वंशिका गुप्ता और शाश्वत उपाध्याय को प्रत्येक को 2000 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक दंड लगाया।
3. एमबीबीएस बैच 2024 के एक छात्र शिखर गुप्ता, पुत्र व्रजेश चंद्र गुप्ता, को दंड आदेश की तिथि से 60 दिनों के लिए मेडिकल कॉलेज के लड़कों के छात्रावास से निष्कासित किया जाता है और उन पर 5000 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक दंड लगाया ।
4. एमबीबीएस बैच 2024 के एक छात्र शाश्वत उपाध्याय, पुत्र कमलेश कुमार उपाध्याय, पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया ।
5. एमबीबीएस बैच 2024 की दो छात्राओं, हुदा नाज़ पुत्री मोहम्मद नासिर और शाहरीन जाफरी पुत्री शबाब अली खान को मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल से सजा के आदेश की तारीख से 60 दिनों के लिए निष्कासित किया जाता है और उन पर 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया ।
6. एमबीबीएस बैच 2021 की सत्तर छात्राओं पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया । यह भी आदेश दिए गये कि उपरोक्त निष्कासन अवधि के दौरान, सभी छात्राओं के लिए अपने-अपने बैच के सभी चालू शैक्षणिक सत्रों में 100% उपस्थिति अनिवार्य होगी।
जांच कमेटी ने एमबीबीएस बैच की सभी वरिष्ठ छात्राओं को कनिष्ठ छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार की रैगिंग न करने की चेतावनी दी ।
अपना कार्य स्वंय न कर जूनियर छात्रों से करा रहे थे सीनियर एमबीबीएस के छात्र
दरअसल नीट पास करने के बाद मेरठ के कुछ छात्रों को शाजहापुर के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिला था। सीनियर अपना कार्य जूयिनयर से करा रहे थे। इसके कारण उनकी पढाई में व्यवधान पड़ रहा था। जब कुछ बच्चे छूटटी पर अपने घर लौटे तो वह परिजनों को अपने सीनियर छात्रों का कार्य करते मिले। जिस पर परिजनों ने बच्चो से पूछा तो उन्होंने सारी हकीकत बॅया कर दी। जिस पर परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता के माध्यम से एमसीआई को शिकायत की। इसके अतिरिक्त परिजनों ने मुख्य मंत्री पोर्टल व प्रमुख सचिव चिकित्सा को इसकी शिकायत की। तब जाकर यह कार्रवाई हुई है।


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