एआई इम्पैक्ट समिट के मायने
राजीव त्यागी
एआई इम्पैक्ट समिट 2026 भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में 16-20 फरवरी 2026 को आयोजित एक प्रमुख वैश्विक आयोजन है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार और समावेशी विकास पर केंद्रित है। यह समिट ग्लोबल साउथ के लिए पहला बड़ा एआई शिखर सम्मेलन है, जो 100+ देशों से 35,000+ प्रतिनिधियों को एकजुट कर रहा है। देखा जाए तो यह समिट इंडिया एआई मिशन के तहत आयोजित हो रहा है, जिसमें राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री, उद्योग नेता, शोधकर्ता और सिविल सोसाइटी शामिल हो रहे हैं।
इस समिट का वैश्विक महत्व यह है कि एआई इम्पैक्ट समिट एआई के लोकतंत्रीकरण पर फोकस करता है, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए संसाधनों को सुलभ बनाने हेतु सक्रिय किया गया है। जहां तक इसके वैश्विक प्रभाव की बात है तो इससे जुड़ीं चुनौतियां समावेशी एआई नवाचारों को प्रोत्साहित करेंगी।
लिहाजा यह समिट एआई को आर्थिक-रणनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित कर वैश्विक विभाजन को पाटेगा। दरअसल, एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का मुख्य एजेंडा एआई को जिम्मेदार, समावेशी और प्रभावी बनाने पर केंद्रित है, जो तीन सूत्रों—लोग, ग्रह और प्रगति पर आधारित है। यह एजेंडा एक्शन से इंपैक्ट की ओर बढ़ने पर जोर देता है, जिसमें नीतियों को व्यावहारिक बदलावों में बदलना शामिल है। यह समिट ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को मजबूत करेगा।





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