विकसित भारत की यात्रा के लिए समझौता अहम: पीयूष गोयल

नई दिल्ली (एजेंसी)।भारत और अमेरिका के बीच 500 अरब डॉलर के व्यापार समझौते के लिए एक अंतरिम ढांचे पर सहमति बन गई है। यह समझौता न केवल दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय है, बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में पैठ बढ़ाने का एक बड़ा मौका भी है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को अमेरिका के साथ हुई इस डील पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने की दिशा में यह समझौता अहम साबित होगा।
पीयूष गोयल ने कहा कि आज का दिन विकसित भारत 2047 की राह में एक महत्वपूर्ण दिन है, और उन्होंने अंतरिम व्यापार समझौते को भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया।भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक वार्ता फरवरी 2025 में शुरू हुई थी, जिसका लक्ष्य प्रति वर्ष 500 अरब डॉलर का निर्यात कारोबार हासिल करना था। गोयल ने समझौते की घोषणा के बाद देशभर में फैली खुशी और आशावाद की भावना पर प्रकाश डाला।
उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करते हुए एक भव्य, दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की प्रशंसा की। द्विपक्षीय समझौते की चर्चा करते हुए हुए गोयल ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने और सहयोग को गहरा करने पर केंद्रित रही है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमों, किसानों और मछुआरों के लिए अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है। गोयल ने इस दिन को भारत-अमेरिका व्यापार इतिहास में "सुनहरे अक्षरों में लिखे जाने वाला दिन" बताया।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया को भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा से अवगत कराते हुए इसे भारत के आर्थिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि नए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत, कई प्रमुख वस्तुओं के अमेरिका को निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। रत्न और आभूषणों के साथ-साथ औषधीय उत्पादों को भी अब शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और 'मेक इन इंडिया' पहल को समर्थन मिलेगा।
गोयल का कहना है कि रत्न, फार्मा, कॉफी, आम और अन्य कई वस्तुएं अमेरिका को शुल्क-मुक्त निर्यात की जाएंगी। कृषि क्षेत्र में, कई भारतीय उत्पाद अब बिना किसी शुल्क के संयुक्त राज्य अमेरिका को निर्यात किए जा सकेंगे। इनमें चाय, मसाले, नारियल तेल, वनस्पति मोम, सुपारी, ब्राजील नट्स, शाहबलूत और विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां शामिल हैं। पीयूष गोयल के अनुसार, सब्जी की जड़ें, अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद, तिल के बीज, खसखस और खट्टे फलों के रस पर भी कोई पारस्परिक शुल्क नहीं लगेगा और अब वे अमेरिकी बाजार में शुल्क-मुक्त प्रवेश करेंगे।

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