यूजीसी के विरोध में सवर्ण समाज का विरोध प्रदर्शन

पीएम मोदी से की कानून समाप्त करने की मांग, कहा- वापस नहीं लिया तो भाजपा को नहीं देंगे वोट

मेरठ।यूजीसी के नए कानून के विरोध में भारतीय जनसाधारण पार्टी के अध्यक्ष अशोक सिवाच के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर इसे समाप्त करने की मांग की। विरोध में ओबीसी और सामान्य वर्ग के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और इस कानून को समाज में भेदभाव बढ़ाने वाला बताया।

पार्टी अध्यक्ष अशोक सिवाच ने कहा कि इस कानून को लेकर देशभर में विरोध हो रहा है और सुप्रीम कोर्ट ने भी फिलहाल इस पर रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि यह केवल अस्थायी रोक है, अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि कानून को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

अशोक सिवाच ने कहा कि सरकार ने “एक रहो, सेफ रहो” जैसे नारे दिए, लेकिन अब सरकार समाज को बांटने का कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने ही वोटरों के हितों को अनदेखा कर रही है, जिससे ओबीसी और सामान्य वर्ग में असंतोष बढ़ रहा है।पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कानून मेहनतकश और योग्य छात्रों के साथ अन्याय करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून एक वर्ग को विशेष लाभ देता है, जबकि मेहनत करने वाले छात्रों के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।

भारतीय जनसाधारण पार्टी ने ज्ञापन में मांग की कि जातिगत आरक्षण को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाए, ताकि सभी जरूरतमंद और योग्य छात्रों को समान अवसर मिल सकें। पार्टी ने कहा कि इससे सामाजिक संतुलन बना रहेगा और देश विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा। पार्टी अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि इस कानून पर स्थायी रोक नहीं लगाई गई, तो आगामी विधानसभा चुनाव में जनता से भाजपा को वोट न देने की अपील की जाएगी। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करना है और वे इस मुद्दे को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।

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