वन डिस्ट्रिक्ट-वन वैटलैंड से खुलेगा विकास का द्वार

बनेगा ईको टूरिज्म पार्क, मिलेंगे  युवाओं के लिए नए रोजगार के अववर 

प्रभागीय निदेशक वानिकी भिकुंड वैटलैंड का शासन को भेजा प्रस्ताव

मेरठ।हस्तिनापुर सेंक्चुरी में हरियाली के बीच फैला भिकुंड वैटलैंड क्षेत्र अब सिर्फ प्राकृतिक ठिकाना नहीं होगा, बल्कि मेरठ की नई पहचान बनेगा. प्रदेश सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट-वन वैटलैंड पहल के तहत भिकुंड वैटलैंड को समृद्ध करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही यह स्थल पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन और रोजगार का केंद्र बन जाएगा।जिस तरह वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट ने जिलों को आर्थिक पहचान दी, उसी तर्ज पर अब हर जिले को एक प्रमुख आर्द्रभूमि से जोड़ा जाएगा।

 भिकुंड का चयन होने से न केवल जल संरक्षण और जैव विविधता को मजबूती मिलेगी, बल्कि हस्तिनापुर क्षेत्र में ईको टूरिज्म और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से वन डिस्ट्रिक्ट-वन वैटलैंड योजना की शुरुआत की है। इस योजना केअंतर्गत प्रत्येक जिले में एक प्रमुख आर्द्रभूमि (वेटलैंड) को चिन्हित कर उसका संरक्षण, विकास और सौंदर्याकरण किया जाएगा।  जिले से हस्तिनापुर स्थित भिकुंड वैटलैंड का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। भिकुंड क्षेत्र प्राकृतिक रूप से समृद्ध है। यहां बरसाती और स्थायी जल स्रोतोंके कारण वर्ष भर पानी बना रहता है. इसी कारण यह वैटलैंड प्रवासी और स्थानीय पक्षियों का आश्रय स्थल है. यदि इसे आधिकारिक रूप से वैटलैंड के रूप में विकसित किया जाता है तो यहां जैव विविधता संरक्षण, जल संचयन और भूजल रिचार्ज को बढ़ावा मिलेगा।

वन डिस्ट्रिक-वन वैटलैंड क्या है?

वन डिस्ट्रिक-वन वैटलैंड प्रदेश सरकार की पर्यावरण संरक्षण योजना है. जिसके लिए बजट भी जारी किया गया है। इसके तहत प्रत्येक जिले में एक प्रमुख आर्द्रभूमि का चयन करना है. संरक्षण, सौंदर्गीकरण और सतत विकास पर जोर दिया जाएगा. जैव विविधता, जल संरक्षण और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देना मकसद है।

इन्होंने कहा

 प्रभागीय निदेशक वानिकी वंदना फोगाट ने बताया कि वैटलैंड प्राकृतिक स्पंज की तरह काम करते हैं. ये वर्षा के अतिरिक्त पानी को संचित कर बाढ़ के खतरे को कम करते हैं और सूखे के समय जल उपलब्ध कराते हैं. भिकुंड वैटलैंड विकसित होने से गंगा खादर क्षेत्र की पारिस्थितिकीको मजबूती मिलेगी।

यह होंगे विकास कार्य

प्रभागीय निदेशक वानिकी वंदना फोगाट ने बताया कि शासन से मंजूरी मिलते ही यहां पर काम शुरू कर दिया जाएगा. यहां पर ईको फ्रेंडली पार्क बनाया जाएगा. जिसमें लोग घूमने आ सकते हैं. झूले लगाए जाएंगे, पक्षियों को देखने के स्थान बनाए जाएंगे पक्षी विहार, नेचर ट्रेल, वाच टावर को डवलप किया जाएगा. बोटिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएगी। यह सब होने से स्थानीय युवाओं को गाइड के रूप में तैनात किया जाएगा।

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