कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़, विकसित भारत/2047 में  शिव राज सिंह चौहान 

  पूसा  इंस्टीटयूट में तीन दिवसीय राष्ट्रीय कृषि विज्ञान मेले का आयोजन 

 देश भर के शैक्षिण संस्थानों के कुलपतियों ने मेले में की शिरकत 

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह ने सत्तर के दशक में ही कह दिया था कि देश की खुशहाली का रास्ता गाँव की पंगडडियो से होकर गुजरता है, आज का भारत ना सिर्फ खाद्यान्न आत्मनिर्भर है, बल्कि खाद्यान्न संकट का सामना कर रहे दुनिया के दो दर्जन से अधिक देशो को खाद्यान्न निर्यात कर विकसित भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है-सुधीर गिरि, संस्थापक अध्यक्ष, वेंक्टेश्वरा समूह 

- कृषि संगौष्ठियो, किसान मेलो, किसान स्वास्थय कार्ड, प्राकृतिक खेती संवाद कार्यक्रम, किसान जागरूकता वैन, कृषि सुधार कार्यशालाओ के जरिये ’’वेंक्टेश्वरा स्कूल आॅफ एग्रीकल्चर’’ उत्तर भारत विशेष रूप से पश्चिमी यू0पी0 के किसान भाईयो को ग्राफ्टिंग तकनीक, ड्रोन खेती आदि द्वारा कम लागत में अधिकतम उत्पादन के लिए तैयार कर रहा है- डाॅ राजीव त्यागी,  

  मेरठ।  नयी दिल्ली पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में देश के सबसे बड़े किसान मेले ’’पूसा कृषि विज्ञान मेला-2026’’ का शानदार शुभारम्भ हो गया। तीन दिनो (25-27 फरवरी) तक चलने वाले इस राष्ट्रीय किसान मेले में देश के सैकड़ो सरकारी एवं निजी कृषि विश्वविद्यालयों/संस्थानो के साथ-2 देश भर से आये विख्यात कृषि वैज्ञानिकों, कृषि शोध छात्रों, प्रगतिशील किसान भाईयो विशेष रूप से महिला कृषको समेत हजारो लोगो ने प्रतिभाग किया। 

 कृषि मेले के शुभारंभ पर  अपने सम्बोधन में केन्द्रीय कृषि मंत्री  शिवराज  सिंह चौहान ने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, एवं इसमें शिक्षा, स्वास्थय, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-2 देश की रीढ़ कृषि का योगदान सबसे अहम है। हम विभिन्न विश्वविद्यालयो/संस्थानो/कृषि शोध संस्थाओ के साथ मिलकर किसानो की आय बढ़ाने पर लगातार काम कर रहे है। इसके साथ ही प्रतिवर्ष खाद एवं बीज में किसानो को दी जाने वाली लगभग 2 लाख करोड़ रूपये की सब्सिडी को सरकार अब उर्वरक कम्पनियो के बजाय सीधे किसान भाईयो के खाते में डालने की योजना पर काम कर रही है। 



  इस मौके पर श्री वेंक्टेश्वरा के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के कृषि वैज्ञानिकों ने इसमें शानदार प्रतिभाग करते हुए उपस्थित किसान भाईयो को ’’उन्नत जैविक खेती’’ के बारे में बताया। इसके साथ ही देश के प्रख्यात प्रधान कृषि वैज्ञानिक प्रो0 (डाॅ.) सी.एच. श्रीनिवास राव, वरिष्ठ वैज्ञानिक पूर्व महानिदेशक कृषि मंत्रालय भारत सरकार प्रो. (डाॅ.) ए.के. त्यागी, डाॅ. राजवीर सिंह, प्रो. एस. अहलूवालिया समेत एक दर्जन से अधिक कृषि वैज्ञानिको को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए बुके एवं स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मानित किया। 

 इससे पूर्व नयी दिल्ली पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित ’’राष्ट्रीय कृषि विज्ञान मेला-2026’’ का शुभारम्भ मुख्य अतिथि केन्द्रीय कृषि मंत्री भारत सरकार  शिवराज सिंह चौहान, विख्यात कृषि वैज्ञानिक प्रो. सी.एच0 श्रीनिवास राव, प्रो. राजवीर सिंह यादव, प्रो0 (डाॅ.) ए.के. अहलूवालिया आदि ने दीप प्रज्जवलन कर एवं कृषि प्रदर्शनी का फीता काटकर किया। 

इस अवसर पर वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की ओर से वैज्ञानिक तरीके से उन्नत खेती एवं आर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक प्रो0 (डाॅ.) सी.एच. श्रीनिवास राव, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं कृषि मंत्रालय के पूर्व महानिदेशक डाॅ. ए.के. त्यागी, प्रो. राजवीर सिंह, प्रो. थामस अब्राहम समेत एक दर्जन कृषि वैज्ञानिको को शाॅल एवं बुके भेट कर सम्मानित किया। 

कृषि वैज्ञानिक मेला-2026 में डा. ज्योति सिंह, डाॅ. लक्ष्मीकांत, डाॅ. शेषनाथ मिश्रा, डाॅ. विनय कुमार  सिंह, कौशल कुमार, डाॅ. अभिषेक सिंह, मेरठ परिसर से डाॅ. पंकज सिंह, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।

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