सरकारी स्कूलो में सैनेटरी पैड के लिए बजट का प्रावधान नहीं 

 एनजीओ व सामाजिक संस्थाए व स्वास्थ्य विभाग द्वारा वितरित की जाते है सैनेटरी पैड़ 

 मेरठ।  शुक्रवार को सवौच्च न्यायालय द्वारा आदेश जारी करते हुए देश के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक पढने वाली लड‍़कियों को मुफ्त सैनेटरी पैड उपलब्ध कराने को कहा है। इसके देश् के सभी राज्यों से तीन माह में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। लेकिन मेरठ समेत प्रदेश के सरकारी व निजी स्कूलों में छात्राओ के लिए सैनेटरी पैड के लिए कोई बजट का प्रावधान नहीं है। सामाजिक संस्थाओं व सीएमओ कार्यालय द्वारा समय समय पर सरकारी स्कूलों में छात्राओं को सैनेटरी पैड का वितरण किया जाता है। इस बारे में शहर के सरकारी व प्राइवेट स्कूलों से बात करने का प्रयास किया। जिनका ये कहना है - 

 कॉलेज के पास सेैनिटरी पैड के निशुल्क वितरण के लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं है। सामाजिक सस्थाओं के द्वारा समय समय पर छात्राओं को सैनिटरी पैड़ का वितरण किया जाता है। जहां तक सवौच्च न्यायालय के आदेश की बात है तो उसका पालन किया जाएगा 

 डा. मृदुला शर्मा , प्रधानाचार्य  इस्माईल इंटर कॉलेज शास्त्री नगर 

 स्कूल के अंदर छात्राओं के लिए निशुल्क सैनेटरी पैड के वितरण का कोई प्रावधान नहीं है। कंपनियों द्वारा समय समय पर सैनेटरी पैड का वितरण किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है। आदेश का पालन किया जाएगा। 

 दिव्या भारद्वाज , प्रधानाचार्य   एलेक्जेंडर पब्लिक स्कूल शास्त्री नगर 

जब से हमारा स्कूल इंटर हुआ हे तब से छात्रााओं की सुविधाओं के लिए महिला शौचालय में सेनिटरी पैड रखे जाते है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश स्वागत योग्य है। सभी स्कूलों को छात्राओं की सुविधा के लिए सैनेटरी पैड रखने चाहिए 

 संज्या वालिया  प्रधानाचार्य ,वैक्टेश्वराा वर्ल्ड स्कूल जटौली 

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी सैनेटरी पैडस अनिवारीयता के लिए दिया गया आदेश अच्छा है, इससे बालिकाओं को होने वाली स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतों से राहत मिल सकेगी इस योजना के लिए सरकार को सरकारी सहायता भी देनी चाहिए। 

डॉ.शक्ति साहनी,प्राचार्या ,लक्ष्मी देवी आर्य कन्या डिग्री कॉलेज, मवाना

स्वच्छता और संक्रमण से बचाव के लिए देश की सर्वोच्च अदालत का आदेश स्वागत योग्य है इसके लिए सरकार को वृहद स्तर पर विशेष जारूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरुक करना चाहिए हाइजिन के दृष्टिकोण से ये आदेश स्वागत योग्य है। 

 इंटर कालेज में एमआई रूम बनाया हुआ है। जहां पर छात्राओं को सैनेटरी पैड वितरण किए जाते है। जहां तक सुप्रीम कोर्ट का आदेश है वह स्वागत योग्य है। 

अर्पणा जैन  प्रधानचार्य , डीएवी पब्लिक शास्त्री नगर  

स्वच्छता और संक्रमण से बचाव के लिए कोर्ट का आदेश स्वागत योग्य है। कॉलेज के अंदर बकायदा  निशुल्क छात्राओं को सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जाते है। 

 सुधांशु शेखर ,प्रधानाचार्य , के एल इंटनरेशन स्कूल 

डॉ. शिवानी सिंह,प्रधानाचार्य,रुद्रा इंटरनेशनल स्कूल

सेनेटरी पैडस के सरकारों द्वारा वितरण कराये जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मैं स्वागत करती हूँ इस प्रकार का आदेश नारी शक्ति को हाइजिन रखने की और एक महत्वपूर्ण प्रयास है और इस तरह का आदेश स्वच्छता के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

प्रियंका सिंह,प्रधानाचार्य,मदर इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल

सरकारी स्कूलो में सैनेटरी पैड के बजट नहीं है। सीएमओ कार्यालय ओर से समय- समय पर सरकारी स्कूलों में सैनेटरी पैड का वितरण किया जाता है। काेर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। 

 राजेश कुमार ,डीआईओएस , मेरठ।  

 कोर्ट का आदेश काफी अच्छा है। स्कूल में यदि छात्राओ की सुविधा के लिए सेनेटरी वेडिंग मशीन हो जाए तो जिन दिनो में छात्राए अपने को अनकंफरटेबल हो जाती है। ओर स्कूल स्किप कर जाती है। वह सुविधा स्कूल में मिलने स्कूल आ सकेगी। संस्था सरकारी व प्राइवेट स्कूल में सैनेटरी पैड का निशुल्क वितरण करती है। 

 अंजू. पांंडे अध्यक्ष बेटिया फाउंडेशन , मेरठ। 

 


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