घने कोहरे की चादर में लिपटा दिल्ली-एनसीआर
- राजधानी में हवा खतरनाक स्तर पर, जानें कितना AQI
नई दिल्ली (एजेंसी)।
राजधानी में हवा की दिशा बदलने से बयार भले ही मंगलवार को बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई, लेकिन लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिली है। आज भी वही हाल है। बुधवार सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे की मोटी परत से हुई। आसमान में स्मॉग की मोटी चादर दिखाई दी। इसके चलते कई इलाकों में दृश्यता भी बेहद कम रही। साथ ही, लोगों को आंख में जलन व सांस के मरीजों को परेशानी महसूस हुई। वहीं एनसीआर में भी घना कोहरा छाया हुआ है। जिसे विजिबिलिटी काफी कम हो गई है। सड़क से लेकर हवाई यातायात तक पर इसका असर दिखाई दे रहा है। दिल्ली एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से आई तस्वीरों में धनी धुंध साफ दिखाई दे रही है।
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, बुधवार सुबह राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 383 दर्ज किया गया है। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बुधवार को हवा गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली के अलीपुर में एक्यूआई 327, आनंद विहार में एक्यूआई 452, अशोक विहार में 411, आया नगर में 321, बवाना में 307, बुराड़ी में 352, चांदनी चौक इलाके में 420 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
वहीं, डीटीयू में 375, द्वारका सेक्टर 8 इलाके में 414, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 इलाके में 334, आईटीओ में 426, जहांगीरपुरी में 423, लोधी रोड 321, मुंडका 399, नजफगढ़ में 331, नरेला में 366, पंजाबी बाग में 430, आरकेपुरम 412, रोहिणी 426, सोनिया विहार 382, विवेक विहार 441, वजीरपुर में 436 दर्ज किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बनी हुई गंभीर वायु गुणवत्ता का मुख्य कारण मौसम का मिजाज है। स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार, तापमान में कमी के कारण प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि हुई है और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मंगलवार को भी वायु गुणवत्ता जो नीचे फंसी हुई ठंडी हवा को ऊपर उठने नहीं देती है। इसी ठंडी हवा में गाड़ियों का धुआं और निर्माण की धूल जैसे प्रदूषक जमा हो जाते हैं। प्रदूषकों को ऊपर जाने का रास्ता नहीं मिलता, इसलिए वे जमीन के बहुत करीब फंसे रहते हैं। साथ ही, जब बारिश नहीं होती और हवा भी धीरे चलती है, तो यह फंसा हुआ प्रदूषण बाहर नहीं निकल पाता, जिससे स्थिति कई गुना खराब हो जाती है।
मौसम विभाग ने 31 दिसंबर और एक जनवरी के लिए मौसम का जो पूर्वानुमान जताया है उसके हिसाब से ये दोनों दिन कड़ाके की ठंड और घना कोहरा पड़ेगा। एक जनवरी को राजधानी में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में बारिश की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने कोहरे का यलो अलर्ट भी जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 22 और 08 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।


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