ब्रिगेडियर निखिल देशपांडे की अध्यक्षता में संपन्न हुई छावनी परिषद की बैठक 

सोफिया सेंटमैरी को चैरिटेबल नहीं मानता कैंट बोर्ड

इम्युनिटी मॉल खुलने का रास्ता साफ बीस फीसदी कंपाउंडिंग शुल्क लगाया, सरकुलर रोड के अवैध कब्जों पर कार्रवाई के बजाए सुविधा

मेरठ। कैंट बोर्ड शहर के दो नामी कान्वेंट सेंटमेरी और सोफिया को चैरिटेबल संस्था नहीं मानता है। ये दोनों ही शिक्षण संस्थाएं फीस के नाम पर भारी भरकम रकम लेते हैं, फिर चैरिटबल कैसे हैं। यह कैंट बोर्ड का मानना हैं। कैंट बोर्ड की बैठक सोमवार को ब्रिगेडियर निखिल देश पांड़े की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ज्वाइंट सीईओ हर्षिता चामडिया,मनोनीत सदस्य सतीश शर्मा व कैंट विधायक अमित अग्रवाल भी मौजूद रहे। बोर्ड की शुरूआत अध्यक्ष के आग्रह पर सीईओ जाकिर हुसैन ने एजेंडा प्रस्तुत कर की। बैठक में कई मुद्दे उठाए गए। इनमें सेंटमेरी पर बकाए 11 करोड़ का भी मुद्दा शामिल रहा। हालांकि सेंटमेरी के साथ इस मामले में फिलहाल सुप्रीमकोर्ट में वाद चल रहा है। लेकिन कैंट बोर्ड व सदस्य का मानना है कि सोफिया व सेंटमेरी सरीखी शिक्षण संस्थाएं चैरिटेबल कैसे हो सकती हैं, ये तो फीस के नाम पर भारी भरकम रकम वसूल रही हैं। इस मामले को लेकर कैंट बोर्ड की ओर से कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता को ढ़ाई लाख रुपए के भुगतान की जानकारी दी गयी।

बोर्ड में बताया गया कि पैलेस सिनेमा जिसमें इम्युनिटी मॉल बना है, उस पर बीस फीसदी कंपाउंड़िंग शुल्क लगाया गया है। हालांकि आवेदन में दस फीसदी कंपाउंडिंग शुल्क का आग्रह किया गया था। माना जा रहा है कि अब इस मॉल के दरवाजे खुल जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इस मॉल में मानचित्र के विपरीत निर्माण के आरोप हैं। आरोपों के चलते कैंट बोर्ड ने ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी किए थे, लेकिन ध्वस्तीकरण नहीं किया गया। अब इस पर कंपाउंडिंग शुल्क लगा दिया गया है। बैठक में बताया गया कि कल्याणम करोती संस्था को एक साल का विस्तार दिया गया है। इसके अलावा हनुमान चौक से सटे सरकुलर रोड पर जितने भी अवैध व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं उनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई का संकेत तो नही है, बल्कि इनके सामने जो वाहन खड़े होते हैं उनकी पार्किंग के लिए नैंसी के सामने जो सरकारी जमीन पड़ी है, वहां पार्किग की व्यवस्था की बात कही गयी है। यानि इस रोड पर अवैध निमार्ण व कब्जे करने वालों को कोई खतरा नहीं, बल्कि उनके लिए कैंट बोर्ड सुविधा करने जा रहा है।

अवैध पार्किंग पर होगी कार्रवाई

बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर निखिल देशपांडे ने वेस्ट एंड रोड व बाउंड्री रोड व सदर बाजार व  तमाम स्कूलों समेत पूरे कैंट क्षेत्र में अवैध पार्किंग पर नाराजगी जताते हुए इन पर कार्रवाई की बात कही। इसके लिए एसपी ट्रेफिक से सहयोग की बात कही गयी।   यह भी जानकारी दी गई कि लालकुर्ती मैट्रो हास्पिटल की पार्किंग 12.21 लाख व नैय्यर वाली पार्किंग 19.80 लाख में दी गयी है। इसके अलावा दो गारवेज एक कैंट बोर्ड के पीछे और दूसरा स्काउट भवन के पीछे बनाया जाएगा। यह भी बताया गया कि एक जेनरेट व एक पानी का टैंकर भी क्रय किया है, साथ ही कैंट क्षेत्र में बनने वाली सरकारी भवनों पर तय किया गया कि इंजीनियरिंग सेक्शन हेड एई पीयूष गौतम इस मामले को देखेंगे। यह मामला कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने उठाया था। गांधी बाग के विस्तार की बात कहीं गयी और कैंट विधायक से इसके लिए फंड का आग्रह किया।

कबाड़ियों के कब्जों पर कैंट विधायक चिंतित

रूट टाइवर्जन  भूसा मंड़ी व महताब समेत आदि इलाकों में कबाड़ियों के अवैध कब्जों का मामला कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने उठाया। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है। अवैध कब्जे ही नहीं किए जा रहे हैं अवैध निर्माण भी हो रहे हैं। इस पर कार्रवाई की बात कही गयी। भूसा मंड़ी इलाके में कबाड़ी तेजी से पांव पसार रहे हैं। कैंट विधायक इसको ठीक नहीं मानते हैं।

तहबाजारी ठेकेदार पर सख्ती

तहबाजारी के ठेकेदार की मनमानी अब कैंट बोर्ड को अखरने लगी है। दरअसल ठेकेदार कहीं भी किसी की पर्ची काट देता है। ठेकेदार के इस कृत्य से कैंट क्षेत्र में ठेले वालों की बाढ़ आ गई है। इस पर निखिल देशपांड़े ने नाराजी जतायी। उन्होंने रेवेन्यू हेड हितेश से कहा कि सख्ती करें और फौजी संस्कृति के अनुरूप कार्य करने की काबलियत अपने भीतर लाएं।

ठेकेदार ने मांगा 4.63 करोड़ का मुआवजा

कैंट बोर्ड के टोल प्लाजा के ठेकेदार ने कैंट बोर्ड के पास 4.63 करोड़ रुपए के नुकसान का नोटिस भेजकर इसकी भरपाई करने का आग्रह किया है। यह जानकारी भी बोर्ड में दी गयी। ठेकेदार ने कहा है कि जब वह ठेके का संचालन कर रहा था तब अलग-अलग कारणों के चलते टोल प्लाजा पर से गुजरने वाले वाहनों से रकम की वसूली नहीं की जा सकी। इसकी वजह से उसको नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई कैंट बोर्ड करे।



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