शास्त्री नगर स्थित जैना ज्वैलर्स  को सील करने के आदेश जारी 

आवास आयुक्त की कार्रवाई से बचने के लिए आवास अधिकारियों ने की कार्रवाई 

मेरठ। आवास विकास परिषद की योजना संख्या-7 के भूखण्ड संख्या 259/6 पर बने अवैध शोरूम पर आखिर परिषद की कार्यवाही दिखने लगी है। पिछले काफी समय से इस सम्पत्ति पर अवैध होने के आरोप लग रहे थे और इस अवैध निर्माण पर परिषद के अधिकारियों की संलिप्तता की खबरे भी देखी जा रही थी। जिसके बाद आवास आयुक्त ने सख्ती बरती तो परिषद के अधिकारी हरकत में आए और बुधवार को सक्षम अधिकारी बनकर राजीव कुमार द्वारा सील का आदेश जारी किया गया।  

 बतादें  26 अक्टूबर 2023 को 259/6 के नक्शे की स्वीकृति के बाद यहां अवैध व्यवसायिक निर्माण शुरू हुआ तो परिषद ने कार्यवाही शुरू कर दी और मामला सील से लेकर एफआईआर तक पहुंचा, लेकिन एफआईआर मामले में 13 मई 2024 को आवंटी पंकज अग्रवाल व दीपक गुप्ता ने अपनी आपत्ति दर्ज करा दी। 

संयुक्त आवास आयुक्त के नाम पत्र भेजकर कहा कि उन्होंने ये सम्पत्ति किसी को बेच दी थी और उक्त भूखण्ड पर अवैध निर्माण व नक्शा स्वीकृति से उनका कोई लेना-देना नहीं है तथा मानचित्र को निरस्त कर ध्वस्तीकरण कर दिया जाए। उसके बाद मैसर्स जयंती प्रसाद जीवन लाल जैन ज्वैलर्स प्रा.लि. के डायरेक्टर रोहित जैन ने आवंटन में नाम परिवर्तन कराया, लेकिन अवैध निर्माण फिर भी नहीं रोका। जेई से लेकर अधीक्षण अभियंता इस मामले में अपने बयान निर्माणकर्ता के ही पक्ष में देते रहे और अवैध निर्माण को वैध बताने से पीछे नहीं हटे। 12 सितंबर 2025 को उक्त अवैध निर्माण का दूसरा नक्शा दूसरे नाम से स्वीकृत कर दिया गया। नए नक्शे को नई नीति के तहत स्वीकृति दे दी गई। स्वीकृत के 10 दिन बाद ही उक्त शोरूम का उद्घाटन भी हो गया। यानि मामला लैंड यूज चैंज होने का था तो नक्शे में नई नीति के अनुसार ही काम हुआ और कुछ हिस्सा कमर्शियल रखा। स्वीकृति मिली और शोरूम 10 दिन में ही बनकर खड़ा हो गया।

 नई उपविधि में कमर्शियल निर्माण की अनुमति तब ही संभव है जब मौके पर निर्माण बनकर खड़ा न हुआ हो। उधर एक ही निर्माण पर दो-दो नक्शे की स्वीकृति कैसे संभव है ये भी सवाल खड़े कर रहा है। 

No comments:

Post a Comment

Popular Posts