​मेरठ से अब खेल क्रांति की शुरुआत, वेस्ट यूपी में बनेगा साई सेंटर: जयंत चौधरी 

-कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में केंद्रीय राज्य मंत्री ने 'स्पोर्ट्स एज' का शुभारंभ किया

-कहा— अपनी सांसद ​निधि की राशि का बड़ा हिस्सा खेल और खिलाड़ियों को दे रहा हूं 

-मेरठ स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्रीज 2035 तक 40 हजार करोड़ रुपये का करेगी कारोबार 

-साकेत स्थित आईटीआई बनेगा स्पोर्ट्स ​हब, वेस्ट यूपी के सभी जिले इससे जुड़ेंगे 

मेरठ। ​पश्चिम ​उत्तर प्रदेश में खेल, खिलाड़ी, संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर और खेल उद्योग को नई दिशा देकर देश के लिए बेहतरीन खिलाड़ी तैयार करने और दुनिया में छा जाने के उद्देश्य को लेकर शनिवार का दिन बेहद अहम रहा। केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि 1857 में स्वतंत्रता के लिए क्रांति मेरठ से शुरू हुई थी और अब यहीं से खेल क्रांति शुरू हो रही है। उन्होंने 'स्पोर्ट्स एज' का शुभारंभ करते हुए कहा कि साकेत स्थित ​आईटीआई को ​खेल हब बनाया जाएगा। विकसित भारत बनने की ओर ये महत्वपूर्ण ​​कदम साबित होगा।

शनिवार को कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के बैडमिंटन हॉल में आयोजित समारोह में केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने संबोधन में कहा कि अगले कुछ वर्षों में वेस्ट यूपी में खेल तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में साई सेंटर बनेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है और इसका सर्वे भी हो चुका है। यह केंद्र मेरठ के आसपास ही बनेगा। उन्होंने कहा कि 'स्पोर्ट्एज' सरकारी कार्यक्रम नहीं है। यह एक अभियान है, जिसमें सरकारी योजनाओं, खिलाड़ियों, तकनीकी शिक्षा को एक साथ जोड़ना है। इसी दिशा में देशभर में एक हजार आईटीआई संस्थाओं को चिन्हित किया गया है, जहां अतिरिक्त स्थान मौजूद हैं, वहां खिलाड़ियों के लिए कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम और प्रशिक्षण शुरू होंगे। रालोद मुखिया ने कहा कि ​मेरठ में 1948 में स्थापित आईटीआई साकेत में कुल 18 एकड़ की जमीन है। इसमें छह एकड़ खाली है। यहां खेल की सारी सुविधाएं होंगी। आईटीआई को खेल हब बनाने जा रहे हैं, इससे मेरठ, ​बागपत, गाजियाबाद, शामली समेत वेस्ट यूपी के कई जिले पीएम सेतु के जरिए इस हब से जुड़ेंगे। 

वेस्ट यूपी में ​खेल प्रतिभाएं बहुत

जयंत चौधरी ने कहा कि हमें विकसित भारत की कल्पना को साकार करना है। इसमें देश के युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका है। खेल प्रतिभाओं से वेस्ट यूपी की धरती भरी पड़ी है। मैं खिलाड़ियों और खेलों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा हूं। हाल में हमने बागपत में खेल परियोजनाओं के लिए अपनी सांसद निधि से धन दिया है। अब मेरठ में भी हम ऐसा करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2022 से हमने काम करना शुरू किया है। हम जो काम कर रहे हैं, वो दिखाई भी देना चाहिए। समाज में उसका सकारात्मक लाभ व प्रभाव होना चाहिए। जयंत ने बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान के लिए कहा कि इन्होंने जो कहा, उस पर काम करना पड़ेगा। अब उसी गांव में स्टेडियम बनेगा। मैं अपनी सांसद निधि का बड़ा हिस्सा केवल खेल व खिलाड़ियों को दे रहा हूं। 

14 से 18 वर्ष के बच्चों को तराशें

केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि खेलों में अच्छे परिणाम आएं, उसके लिए 14 से 18 वर्ष तक के युवक-युवतियों को खिलाड़ी के रूप में तराशें। इन्हें सभी सुविधाओं के साथ स्कॉलरशिप जैसी व्यवस्था भी करनी होगी। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय प्रतियोगिताएं देश में काफी होने लगी हैं। इससे खिलाड़ियों का स्तर उच्च होगा। 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होंगे। गोवा में विश्व शतरंज, नोएडा में बॉक्सिंग विश्व कप, फेंसिंग विश्व चैंपियनशिप अपने यहां हुई। बॉक्सिंग में सबसे ज्यादा 20 पदक हमारे मुक्केबाजों ने जीते तो ​ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीता। जयंत चौधरी ने कहा कि ​हमारे प्रदेश के अच्छे खिलाड़ी दूसरे राज्यों में जाकर खेलते हैं और जब मेडल जीतते हैं तो उत्तर प्रदेश खाली हाथ रहता है। हमें अपने खिलाड़ियों के पलायन को रोकना होगा। ग्रामीण क्षेत्र में खेल व सुविधाओं का अभाव है, यहां ज्यादा काम करने की जरूरत है।

2035 तक 40 हजार करोड़ का खेल उत्पाद

केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री व रालोद मुख्यिा ने कहा कि मेरठ का खेल उद्योग विश्वस्तरीय है। चाहे क्रिकेट, ​एथलेटिक्स उपकरण, टेबिल टेनिस, फुटबाल जैसे उत्पाद हों, मेरठ के खेल उद्योग में ​इतना सामर्थ्य है कि ​2035 तक यहां 40,000 करोड़ का उत्पाद तैयार कर सकते हैं। हमें इस लक्ष्य को पाना होगा। साथ ही 2047 तक देश में 50 लाख करोड़ रुपये तक के खेल उत्पाद तैयार करने होंगे। इसमें तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे भारत की जीडीपी में दो प्रतिशत का योगदान खेल उद्योग से होगा। भविष्य में इससे 10 गुना लाभ मिलेगा।

नाली-सड़क बाद में, पहले स्टेडियम- डॉ. राजकुमार सांगवान

बागपत लोकसभा के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि अकसर हम अपनी निधि में नाली, सड़कों आदि के विकास को प्राथमिकता देते हैं। आज मैं यह घोषणा करता हूं कि अब खेल से जुड़े संसाधनों के लिए ज्यादा ध्यान दूंगा। नाली, खड़ंजे, सड़क नहीं अब स्टेडियम आदि उनकी प्राथमिकता होगी। 

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लक्ष्मीकांत भी देंगे निधि से 50 लाख 

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने खेल को बढ़ावा देते हुए अपनी निधि से कैलाश प्रकाश स्पोर्टस स्टेडियम के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। जयंत चौधरी ने उनके पत्र के जरिए इसकी जानकारी दी और सांसद को धन्यवाद दिया। जयंत ने कहा कि अगले तीन साल में निधि से ​10 करोड़ रुपये की खेल के लिए दूंगा। 

कार्यक्रम में ये रहे शामिल

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, सांसद चंदन चौहान, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, विधायक गुलाम मोहम्मद, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी सलावा के कुलपति से​वानिवृत्त मेजर जनरल दीप अहलावत, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, पूर्व अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाज व भाजपा नेता विजेंदर सिंह, अर्जुन अवार्डी पूर्व पहलवान अलका तोमर, रालोद जिलाध्यक्ष डॉ. मतलूब गौड़, ​वरिष्ठ नेता राजेंद्र शर्मा, बीडीएम कंपनी के निदेशक राकेश महाजन के साथ-साथ बड़ी संख्या में खिलाड़ी, कोच, खेल जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे।... संजय हरपी

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