शुरुआती जांच से बचती हैं ज़िंदगियाँ 

ब्रेस्ट कैंसर से सुरक्षित रहने की सबसे अहम जानकारी

मेरठ: ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसरों में से एक है, लेकिन शुरुआती चरण में पकड़ में आने पर इसका उपचार बेहद सफल और आसान हो सकता है। चुनौती यह है कि बीमारी की शुरुआत में आमतौर पर कोई दर्द, कोई स्पष्ट गांठ या कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए नियमित स्क्रीनिंग बेहद ज़रूरी हो जाती है।

शुरुआती स्क्रीनिंग का मतलब है कि बिना किसी लक्षण के भी अपने स्तनों की जांच कराना। इसका सबसे प्रभावी तरीका मैमोग्राम है—एक तेज़, सुरक्षित एक्स-रे, जो स्तन के भीतर होने वाले बेहद छोटे बदलावों को भी पकड़ सकता है। आमतौर पर डॉक्टर 40 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को हर साल मैमोग्राम कराने की सलाह देते हैं। अगर परिवार में ब्रेस्ट या ओवरी कैंसर का इतिहास रहा है, तो जांच इससे पहले शुरू करनी चाहिए। इसके लिए डॉक्टर से सलाह लेकर एक व्यक्तिगत योजना बनाना महत्वपूर्ण है।

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर और यूनिट हेड डॉ. अनादी पचौरी ने बताया कि “20 से 39 वर्ष की महिलाओं को हर महीने स्वयं ब्रेस्ट जांच करनी चाहिए और हर 2–3 साल में डॉक्टर से क्लिनिकल जांच करवानी चाहिए। 40 वर्ष से ऊपर की महिलाओं के लिए वार्षिक मैमोग्राम सबसे विश्वसनीय जांच है। वहीं हाई-रिस्क महिलाओं—जिनके परिवार में ब्रेस्ट या ओवरी कैंसर का इतिहास है या जिनमें BRCA1 या BRCA2 जैसे जेनेटिक म्यूटेशन पाए जाते हैं—को कम उम्र से ही जांच शुरू करनी चाहिए और कभी-कभी अतिरिक्त जांच जैसे ब्रेस्ट MRI या अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होती है। अपने डॉक्टर से सलाह लेकर सही स्क्रीनिंग प्लान तैयार करें। हर महीने किया गया एक सरल सेल्फ-चेक बड़ा अंतर ला सकता है। इसे पीरियड्स खत्म होने के कुछ दिन बाद करना सबसे अच्छा रहता है, क्योंकि तब स्तन कम संवेदनशील होते हैं। सबसे पहले आइने में खड़े होकर आकार, शेप या त्वचा में किसी बदलाव को ध्यान से देखें। दोनों हाथ ऊपर उठाकर स्तनों की समानता और किसी सूजन पर गौर करें। इसके बाद उंगलियों के सपाट हिस्से से पूरे स्तन और बगल के भाग को हल्के और गहरे दबाव के साथ गोल घुमाते हुए महसूस करें। किसी भी तरह की गांठ, मोटापन या डिस्चार्ज महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।“

जीवनशैली का ब्रेस्ट कैंसर से बचाव में बड़ा योगदान होता है। पौष्टिक भोजन, नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन, धूम्रपान से दूरी और कम अल्कोहल—all मिलकर जोखिम को कम करते हैं। इस ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ पर खुद के लिए और अपने आसपास की महिलाओं के लिए एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाएं—स्क्रीनिंग जरूर कराएं। शुरुआती जांच सिर्फ एक मेडिकल सलाह नहीं, बल्कि अपने स्वास्थ्य की वह देखभाल है जो जीवन बचाती है।

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