अंगदान से अमर बनें: मेडिकल कॉलेज में आयोजित  जनजागरूकता कार्यक्रम 

मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज,  के नेत्र विज्ञान विभाग (ऑप्थैल्मोलॉजी) ने आज 'जिला विधिक सेवा प्राधिकरण' के सहयोग से अंगदान एवं शवदान पर एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मृत्यु के बाद अंगदान, विशेष रूप से आँख दान के महत्व के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नेत्र विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. लोकेश कुमार ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपर जिला न्यायाधीश HJS रमेश कुशवाह उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम में शल्य चिकित्सा विभाग के डॉ. संजीव कुमार और डॉ. अलका गुप्ता ने भी लोगों को अंगदान एवं शवदान के लिए प्रेरित किया और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति की आँखें दान करने से दो अंधत्वग्रस्त लोगों के जीवन में रोशनी लौटाई जा सकती है।

इस अवसर पर डॉ. जयश्री द्विवेदी, डॉ. प्रियंका गोसाई, डॉ. प्रियंक  गर्ग, अन्य वरिष्ठ एवं कनिष्ठ रेजिडेंट्स तथा स्टाफ सदस्य मीनाक्षी द्विवेदी एवं मोनिका गौतम भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं, स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अंगदान की शपथ ली। इस मौके पर अंगदान से संबंधित जानकारी देने वाली एक प्रदर्शनी भी लगाई गई।

डॉ. लोकेश कुमार ने कहा, "अंगदान महादान है। यह न केवल किसी की जिंदगी बचाता है बल्कि दाता के जीवन को भी एक नया अर्थ देता है। हमारा प्रयास है कि समाज में इस पुनीत कार्य के प्रति जागरूकता फैले।"

मुख्य अतिथि श्री रमेश कुशवाह ने कहा, "अंगदान एक सामाजिक दायित्व है। कानूनी तौर पर इसकी पूरी व्यवस्था है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लोगों को इस संबंध में कानूनी सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।"यह कार्यक्रम अंगदान को बढ़ावा देने और इसके बारे में फैली गलतफहमियों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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