शोभित विवि, में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल कर्मियों हेतु विशेष सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण सत्र का आयोजन
मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय, में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल पाँचवीं वाहिनी, सहारनपुर–RRTS चतुर्थ इकाई के 120 से अधिक अधिकारियों एवं सुरक्षा कर्मियों हेतु एक महत्वपूर्ण सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यवहारिक दक्षता-विकास प्रशिक्षण सत्र का सफल आयोजन किया गया।
इस विशिष्ट कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र रहे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “किसी भी सुरक्षा बल की असली शक्ति केवल शारीरिक सामर्थ्य में नहीं, बल्कि उसके अनुशासन, संचार कौशल और मानवीय संयम में निहित होती है।” उन्होंने आगे कहा कि किसी भी फोर्स का प्रशिक्षण तभी पूर्ण माना जाता है जब उसमें आधुनिक तकनीक, संवेदनशीलता और व्यवहारिक दक्षताओं का समन्वय हो।”
सत्र के मुख्य वक्ता एवं प्रमुख सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनर सीनियर निदेशक एच आर श्री देवेंद्र नारायण जी ने सुरक्षा व्यवस्था में सौम्य कौशल की अत्यधिक आवश्यकता पर अत्यंत प्रभावी एवं व्यावहारिक विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि “सुरक्षा केवल हथियार, शक्ति या वर्दी से नहीं बनती; सुरक्षा संवाद, व्यवहार, निर्णय क्षमता और धैर्य से निर्मित होती है।”
उन्होंने विशेष रूप से RRTS एवं सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि “यात्रियों के साथ सकारात्मक, सम्मानपूर्ण और संयमित संवाद सुरक्षा कर्मियों की पेशेवर पहचान को मजबूत करता है और जनता के मन में सुरक्षा का विश्वास स्थापित करता है।”
उनका प्रशिक्षण कर्मियों के लिए तनाव-प्रबंधन, सक्रिय सुनने , स्थिति-आधारित निर्णय क्षमता और विनम्रता-आधारित व्यवहारिक प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित था।
इस अवसर पर असिस्टेंट कमांडेंट श्री राजीव यादव ने भी UPSSF के दृष्टिकोण एवं भावी दिशा पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ सुरक्षा कर्मियों की वास्तविक कार्यक्षमता में गुणात्मक वृद्धि करती हैं और आधुनिक सुरक्षा वातावरण की मांगों के अनुरूप उन्हें अधिक दक्ष तथा संवेदनशील बनाती हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा बलों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
कार्यक्रम का उद्देश्य UPSSF कर्मियों में पेशेवर क्षमता, संचार दक्षता, यात्रियों से संवाद कौशल और परिस्थिति-सामंजस्य क्षमता को सशक्त बनाना था, जिसे उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों द्वारा अत्यंत सकारात्मक रूप से सराहा गया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाण–पत्र प्रदान किए गए।इस अवसर पर इंस्पेक्टर सचिन कुमार, इंस्पेक्टर यादव, तथा विश्वविद्यालय से डीन–अकादमिक्स प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार गुप्ता, कुलसचिव डॉ. गणेश भारद्वाज, निदेशक–प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट डॉ. अभिषेक कुमार डबास, निदेशक–आउटरीच डॉ. नेहा वशिष्ठ, उप कुलसचिव श्री रमन शर्मा, तथा ले. डॉ. कुलदीप कुमार उपस्थित रहे।


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