- पं. दीनदयाल के विचार आज भी प्रासंगिकः प्रो.आनंद त्यागी
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का सम्मान समारोहवाराणसी।महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पंत प्रशासनिक भवन के सभागार में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में कई शिक्षकों को सम्मानित कया गया।
समारोह में काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने विद्यापीठ के कुलानशासक एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के निदेशक प्रो. केके सिंह एवं मनोविज्ञान के डॉ. दुर्गेश उपाध्याय को सम्मानित किया।
इस मौके पर कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय संगठन चलाने एवं खड़ा करने के लिए पूर्ण समर्पित थे। 75 वर्षों के बाद भी दीनदयाल जी के विचार आज भी प्रासंगिक है। सरकारें इसे लागू भी कर रही हैं । ऐसे विचार अचानक पैदा नहीं होते, शिक्षण संस्थाओं में ही इसके विचार बोए जा सकते हैं और यह पुस्तकों के प्रकाशन, संगोष्ठी, शोध आदि के द्वारा संभव है। प्रो. केके सिंह पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को लेकर आगे बढ़ रहे हैं और इस क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होंगे।
कुलपति ने डॉ. दुर्गेश उपाध्याय के संगीत थिरैपी पर किए गए प्रयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि मानवीय समस्याओं का निराकरण करने हेतु संगीत चिकित्सा भारतीय परंपरा का एक अभूतपूर्व हिस्सा है, खासकर संवेदनशील व्यक्तियों के लिए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, परीक्षा नियंत्रक श्रीमति दीप्ति मिश्रा, प्रो. अनुराधा राय, प्रो. रश्मि सिंह, प्रो. वंदना पाण्डेय, प्रो. नलिनी श्याम कामिल, प्रो. राजेश मिश्रा, प्रो. बिरेंद्र कुमार निर्मल, प्रो. दयाशंकर यादव, प्रो. आनन्द चौधरी, डॉ. ओ. पी. चौधरी, डॉ. राम प्रकाश सिंह यादव, डॉ. रवि प्रकाश सिंह, डॉ. के. एस. पाठक, डॉ. अखिलेश्वर तिवारी, डॉ. श्याम बाबू वर्मा, आलोक कुमार गुप्ता, डॉ. दिनेश शुक्ल, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. सतीश कुमार कुशवाहा, डॉ. राधेश्याम राय की उपस्थित रहे।


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