मेरठ में पहली बार इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल, 9 पुस्तकों का एक साथ हुआ भव्य विमोचन
एमआईईटी में रचनात्मकता का उत्सव, महिला उद्यमियों और नवोदित लेखकों को मिला नया मंच
मेरठ। एमआईईटी में एस्थेटिक्स इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन, मॉम मनी एंड माइंडसेट प्राइवेट लिमिटेड तथा एमआईईटी इनक्यूबेशन फोरम के संयुक्त तत्वावधान में मेरठ इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एमआईईटी के वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल, कैंपस निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह, इनक्यूबेशन फोरम के सीईओ रेहान अहमद, तन्मय शर्मा और प्रेरणा रोहिल्ला द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर नौ पुस्तकों का विमोचन किया गया, जिनमें संदीप सिंह की ‘माइंडफुल’, स्वाति अग्रवाल की ‘माय वन मिनट रेमेडीज’, अथर्व शर्मा की ‘द व्हील ऑफ द युग्स’, वैशाली अग्रवाल की ‘राइजिंग बियोंड बाउंड्रीज़’, नितिन की ‘मिसकनसेप्शंस ऑफ एस्ट्रोलॉजी’, कीर्ति त्यागी की ‘माइंडफुल एथलीट’, डॉ. नेहा त्यागी की ‘फ्रॉम चेस टू क्लैरिटी’ और लोकेश गुलयानी की ‘मोहिनी’ शामिल रहीं। कार्यक्रम के दौरान तीन पुस्तकों के कवर पेज भी लॉन्च किए गए।
अतिथियों ने एमआईईटी इनक्यूबेशन फोरम की महिला उद्यमियों की कहानियों पर आधारित विशेष मैगजीन ‘टुगेदर वी राइज’ का भी विमोचन किया। वहीं, सिंगापुर की कंपनी वंज़स्टाइल ने छह महिला स्टार्टअप फाउंडर्स एवं स्वयं सहायता समूह की छह महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
एस्थेटिक्स इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन के फाउंडर तन्मय शर्मा ने कहा कि यह मेरठ का पहला इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल है, जिसका उद्देश्य उन लेखकों को मंच देना है जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनाइजेशन साहित्य के संवर्द्धन के लिए निरंतर कार्यरत है।
कैंपस निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह ने कहा कि पुस्तक लेखन में संवेदना और भावनाओं की गहराई आवश्यक होती है, जिससे पाठक लेखक की सोच, संदेश और अनुभवों से भावनात्मक रूप से जुड़ सकें।


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