सर्पदंश के कहर से चिकित्सकों ने युवक का बचाया जीवन 

 मेरठ। मेडिकल काॅलेज के चिकित्सकों ने सर्पदंश के शिकार  एक युवक की जान बचाकर नया जीवन दिया है। समय पर मरीज से पहुंचने से उसके जीवन को बचाया है।  मरीज के परिजनों ने जीने के आस छोड़ दी है। 

गाजियाबाद  सिध्दांत गत 22 सितम्बर को सांप ने काट लिया था। उसी सांप ने उसके भाई को काटा था। ,परिजन मरीज को कई जगह इधर उधर दिखाते रहे , लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें समय पर उचित उपचार नहीं मिला, और उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों को गांव वालों ने बताया कि मेरठ के मेडिकल कॉलेज में बहुत अच्छा इलाज होता है। यह सुनकर  सिध्दांत को उसके परिवार ने स व  इमरजेंसी में 22 की  सुबह 11 बजे भर्ती कराया गया।

मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सालय डॉ. अरविंद कुमार (एमडी) और डॉ. विवेक के. ऋषि (एमडी) की टीम ने सिध्दांत का उपचार शुरू किया। इमरजेंसी वार्ड में ही तुरंत  एंटी-स्नेक वेनम और अन्य इंजेक्शन दिए गए। इसके बावजूद, सिध्दांत की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, उसकी पलके नीचे गिरने लगी , सांस लेने में समस्या आने लगी और मरीज बेहोश होने लगा। तब उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। टैली आईसीयू टीम ने सिध्दांत की देखभाल की और दो दिनों तक वेंटिलेटर पर रखने के बाद, उसकी स्थिति में सुधार होने लगा। धीरे-धीरे सिध्दांत ने अपनी सेहत हासिल करनी शुरू की और उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया।

सिध्दांत के परिवार ने डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. विवेक के. ऋषि, डॉ. भैरव सिंह मीना, डॉ. आकाश वर्मा, और डॉ. सामिक्षा डॉ पूनम डॉक्टर शिवम नर्सिंग ऑफिसर सिस्टर सिस्टर ट्रेसर व सिस्टर रजनी वह समस्त आईसीयू टीम के प्रति  आभार व्यक्त किया। परिवार ने कहा कि समय पर और उचित उपचार ने सिध्दांत की जान बचाई, वे मेडिकल कॉलेज मेरठ के चिकित्सकों और स्टाफ के आभारी है।मेडिकल कॉलेज मेरठ के प्राचार्य डॉ आर सी गुप्ता ने मेडिसिन विभाग की पूरी टीम को बधाई दी।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts