4जी तकनीक आत्मनिर्भर मिशन के तहत डिजाइन व विकसित की गयी - शालीन अग्रवाल 

बीएसएनएल की रजत जंयती पर आज पीएम उड़ीसा से 37 हजार करोड़ की लागत से तैयार 97,500 टॉवरों को करेंगे राष्ट्र प्रति समर्पित 

 मेरठ। आगामी 1 अक्टूबर को भारत संचार निगम लि. रजत जंयती बना रहा है। वर्ष 2000 को स्थापना के 25 पूर्ण होने पर आत्मनिर्भर, पूर्ण स्वदेशी 4जी सेवाओं तथा डिजिटल भारत निधि से वित्त पोषित मोबाइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं (37000 करोड़ की लागत से तैयार 97,500 मोबाइल 4जी टावर से अधिक) का अखिल भारतीय स्तर पर उ‌द्घाटन ओडिशा राज्य में  नरेन्द्र मोदी, प्रधानमन्त्री  प्रस्तावित है, जिसका सजीव प्रसारण लखनऊ समेत देश के विभिन्न शहरों में किया जायेगा।  इस अवसर पर लखनऊ से मुख्य अतिथि के रूप में  मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के वित्त राज्य मंत्री  पंकज चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। उक्त जानकारी बीएसएनएल के पश्चिम परिमंडल के प्रधान महाप्रबंधक शालीन अग्रवाल ने दी। 

 शालीन अग्रवाल ने बताया कि बीएसएनएल की 4जी तकनीक आत्मनिर्भर मिशन के तहत डिज़ाइन व विकसित की गयी है और सफलता पूर्वक प्रयोग में लायी जा रही है।  हमें गर्व है कि भारत अब उन चुनिन्दा पांच देशों में शामिल हो गया है, जिन्होनें अपनी खुद की हाई-एंड टेलिकॉम टेक्नोलॉजी विकसित की है।  श्री शालीन ने बताया कि यह जो स्वदेशी 4जी तकनीक विकसित की गयी है इसमें 5जी की सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। इसके लिए अलग से कोई उपकरण लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण भारत में 97,500 4जी टावर्स में से 6834 टावर्स (2178, उत्तर प्रदेश (पश्चिम) परिमंडल 4656, उत्तर प्रदेश (पूर्व) परिमंडल में हैं।  इसमें 'डिजिटल भारत निधि' द्वारा 180 (47, उत्तर प्रदेश (पश्चिम) परिमंडल 133, उत्तर प्रदेश (पूर्व) परिमंडल) वित्त पोषित 4जी सेचुरेशन साइट्स भी शामिल है, जो उन दूरस्थ क्षेत्रों को कवर करती हैं जहाँ पहले किसी भी सेवा प्रदाता की मोबाइल सेवा उपलब्ध नहीं थी इनमें सहारनपुर स्थित मां शाकुम्बरी देवी जैसे धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। इनमें से 18,900 से अधिक 4जी टावर्स 'डिजिटल भारत निधि' से वित्त पोषित हैं, जो कि लगभग 26,700 दूरस्थ, सीमावर्ती और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थित गांवों को नेटवर्क से जोडती हैं. इन टावर्स से 20 लाख से अधिक नये ग्राहक इन्हीं क्षेत्रों में सेवाओं से जुड़ चुके हैं. उल्लेखनीय है कि ये टावर्स सौर ऊर्जा से संचालित हैं जिससे यह पहल भारत का सबसे बड़ा हरित टेलिकॉम साईट समूह बनती है और सतत डिजिटल अवसंरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मौके पर. कमलेश त्रिपाठी , महा प्रबंधक वित्त,. पी पी श्रीवास्तव, वरिष्ठ महा प्रबंधक मानव संसाधन,पुष्पेन्द्र सिंह, महा प्रबंधक ई बी. फतेह सिंह, महा प्रबंधक सी एफ ए ,6. प्रभा  महा प्रबंधक भारत नेट मौजूद रहे। 

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