गुणवत्ता एवं उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने को लेकर बैठक का आयोजन
मेरठ। रघुनाथ गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में अनुसंधान विकास प्रकोष्ठ के द्वारा शोध निर्देशक व शोधार्थियों के साथ शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मीटिंग संपन्न हुई । जिसका विषय -नवोन्मेषी अनुसंधान सम्मेलन 2025 : गुणवत्ता एवं उत्कृष्टता को आगे बढ़ाना था।
डीन ऑफ आर्ट प्रोफेसर प्रो. अर्चना रानी ने शोध के लिए प्रचलित आर.जी कॉलेज की ऐतिहासिक परंपरा पर संक्षेप में प्रकाश डाला । उन्होंने शोधार्थियों व शोध निर्देशिका के अटूट संबंध पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने शोध की सार्थकता पर भी जोर दिया इसी क्रम में डीन ऑफ साइंस कल्पना चौधरी ने भी शोध के लिए विषय के चयन की महत्ता पर प्रकाश डाला। नैक कोर्डिनेटर डॉ. गीता सिंह ने नैक के पैरामीटर को ध्यान में रखते हुए रिसर्च पेपर की महत्ता को समझाया। आईक्यूएसी कोर्डिनेटर प्रो. सोनिका चौधरी ने क्वालिटी रिसर्च को संस्थान के विकास में अहम बताया । शोध की व्यवहारिकता व समाज के लिए उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने शोध के लिए कुछ बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला जैसे - गुणवत्ता,प्रासंगिकता एवं समाज के लिए उपयोगिता के साथ ही शोध के सतत विकास पर भी ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि हमारे महाविद्यालय में शोध की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐड ऑन कोर्सेज, सेमिनार एवं कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाता है। प्राचार्य प्रोफेसर निवेदिता कुमारी ने शोध निर्देशिका एवं शोधार्थियों को उच्च स्तरीय शोध की तरफ उन्मुख होने के लिए प्रोत्साहित किया और शोध को समावेशी बनाने पर जोर दिया उन्होंने बताया कि शोधार्थी एवं शोध निर्देशिका के बीच गहरा संबंध होता है जो शोध की गुणवत्ता को बनाने के लिए जरूरी है साथ ही शोधार्थी भी शोध को एक गहरी सोच के साथ लेकर चलें ताकि शोध का समाज के कल्याण के लिए उपयोग हो सके। कार्यक्रम के दौरान शोधार्थियों ने अपनी समस्याएं भी संवाद की पाठशाला में साझा की। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर पूनम लखनपाल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अनुसंधान विकास प्रकोष्ठ की सदस्या प्रो. ममता उपाध्याय,प्रो. मंजूलता,डॉ पूनम,डॉ सुनीता, डॉ अनुपम ने सराहनीय सहयोग दिया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की सभी शिक्षिकाएं अपने शोधार्थियों के साथ उपस्थिति रही


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