आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को मिली एनएबीएच आयुष हॉस्पिटल की मान्यता
- यूपी में यह उपलब्धि हासिल करने वाला मात्र सातवां आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
- पूर्व में सिर्फ छह ही आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को मिली है एनएबीएच की मान्यता
- रोगी की गुणवत्तापूर्ण देखभाल और सुरक्षा प्रदान करने का है प्रमाण
मेरठ। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा पद्वति से गंभीर रोगों का सफल उपचार करने में ख्याति प्राप्त आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को एनएबीएच आयुष हॉस्पिटल की मान्यता प्राप्त हुई है। संपूर्ण उत्तर प्रदेश में आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल मात्र सातवां हॉस्पिटल है जिसे एनएबीएच की मान्यता मिली है। गौरतलब है कि एनएबीएच द्वारा दी गयी मान्यता उच्च गुणवत्ता के साथ रोगी की देखभाल और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
आईआईएमटी समूह के चेयरमैन योगेश मोहनजी गुप्ता ने कहा कि आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को एनएबीएच आयुष हॉस्पिटल की मान्यता प्राप्त होना दर्शाता है कि यहां मरीजों को उत्कृष्ट उपचार व सुविधाएं दी जाती हैं। यहां के विशेषज्ञ चिकित्सक जटिल रोगों का भी सफल उपचार करने में ख्याति प्राप्त हैं। संपूर्ण उत्तर प्रदेश में पूर्व में मात्र छह आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को यह मान्यता मिली थी अब आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने यह उपलब्धि हासिल की है। एनएबीएच द्वारा प्रदान की गयी मान्यता स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता के लिए विश्वस्तर पर मान्यता प्राप्त है और इसको प्राप्त करना बड़ी उपलब्धि है।
कॉलेज के प्रिंसिपल वैद्य सुजीत कुमार दलाई ने बताया कि आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में पंचकर्म, कायाचिकित्सा, शल्य तंत्र, कौमरभृत्य, प्रसूति एवं स्त्री रोगा, मानसरोग एवं मानसिक स्वास्थ्य विज्ञान ईडी, दमष्ट्र चिकित्सा, स्वस्थवृत्त, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान, रस शास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, शालाक्य तंत्र, योगा के माध्यम से द्वारा असाध्य एवं जटिल रोगों का उपचार किया जाता है। साथ ही जोड़ो का दर्द, गठिया बाय, सियाटिका, घुटनों का दर्द, कमर दर्द, डिस्क स्लिप, लकवा, पैरालायसिस, सर्वाइकल दर्द, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, थायरायड, पुराना जुकाम, सिर दर्द, बुखार, त्वचा के रोग, असमय बाल गिरना व सफेद होना, बाल रोग व वृद्धावस्था जन्य रोग व मानसिक रोग का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्वति से किया जाता है।
गौरतलब है कि आईआईएमटी विश्वविद्यालय परिसर में 2018 में आयुर्वेदिक अस्पताल की शुरुआत की गई थी और 2021-22 में आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का शिक्षण शुरु हुआ। इतने कम समय में ही आईआईएमटी आयुर्वेदिक कॉलेज में हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहा है। यहां रोजाना बड़ी तादात में मरीज आयुर्वेदिक इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। आईआईएमटी अस्पताल के बाहर भी मेडिकल कैंप लगाकर मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जाता है। साथ ही मरीजों के लिए बनने वाली 40 प्रतिशत औषधियों का निर्माण आईआईएमटी के अंदर ही किया जा रहा है।


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