एंटी रेबिज इंजेक्शन लगाने की जिला अस्पताल में लगी भीड़
गंभीर मरीज दिल्ली रेफर किए जा रहे मरीज
मेरठ। कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों का असर जिला अस्पताल में देखने को मिल रहा है। सुबह से ही एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों की लाइन पीएल शर्मा जिला अस्पताल में लग जाती है। सिरम न मिल पाने के कारण प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीज पहुंच रहे हैं।
इंजेक्शन लगाने वाले अस्पताल कर्मियों ने बताया कि 150 एंटी रैबीज इंजेक्शन रोज यहां से मरीजों को लगाए जा रहे है। इनमें पहली डोज के साथ साथ आगे की डोज लगवाने वाले मरीज भी शामिल रहते है। वहीं सोमवार को यह संख्या और भी बढ़ जाती है। बीते सोमवार को 190 एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए गए जिनमें 64 को फर्स्ट डोज दी गई।
भेजी हुई है डिमांड
अस्पताल की एसआईसी सुदेश कुमारी ने बताया कि सिरम अभी उपलब्ध नहीं है । उच्च अधिकारियों को इस से अवगत कराकर डिमांड भेजी हुई है । जैसे ही सिरम यहां आ जाएगा तो यह सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी। लगभग 15 - दिनो से सिरम उपलब्ध नहीं है।
थर्ड ग्रेड में लगता है सिरम
डॉ ने बताया कि कुत्ता काटने के घाव को तीन श्रेणियों में बाटा जाता है । इसमें तीसरी श्रेणी में वह स्थिति आती है जिसमें मरीज को खून निकल जाता है और कुत्ते की लार इंसान के खून में मिल जाती है। ऐसे मरीजों को रैबीज इंजेक्शन के साथ साथ सिरम भी लगाया जाता है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
दिल्ली के लिए करते है रेफर
आम तौर पर जिले में कई जगह जिनमें कुछ सीएचसी और मेडिकल भी शामिल है। लेकिन सिरम की सुविधा सिर्फ जिला अस्पताल में ही मिलती है। ऐसे मरीज जिनको सिरम लगाया जाता है उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया जाता है। कुछ अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल भी इसकी सुविधा करा देते हैं तो मरीज वहां भी चले जाते हैं।


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