बेटा ही निकला मॉ बाप की हत्या का कातिल 

 दोस्त के साथ मिलकर दिया था घटना को अंजाम 

 सीसीटीवी की फुटेज से किया पुलिस ने खुलासा , बेटे व दोस्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार 

मेरठ।  थाना नौंचदी क्षेत्र के सैक्टर छ में हुई दंपित्त का कातिल और काेई नहीं  बल्कि उसका बेटा निकला । जिसने अपने दोस्त के मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस द्वारा खंगाली गयी सीसीटीवी फुटेज के साथ इस हत्याकांड का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी बेटे आर्यन व दोस्त आदित्य को गिरफ्तार कर लिया है। दंपित्त की हत्या को अंजाम घरेलू  हिंसा के कारण दिया गया । 

 बता दें मंगलवार को शास्त्री नगर के सैक्टर छ के मकान नम्बर 223/6 में प्रमेाद कर्णवाल व उनकी पत्नी की गला रेत कर हत्या कर दी गयी थी। दोनो के शव मकान के प्रथम तल पर खून से लथपथ मिले थे। पुलिस की शुरूआती जांच में हत्या किसी नजदीकी पर हत्या का शक जा रहा था। जैसे -जैसे पुलिस की जांच आगे बढी तो हत्याकांड से परते दर परते खुलती चली गयी। सीसीटीवी फुटेज में मृतकों को बेटा आर्यन व दोस्त आदित्य ही  दिखाई दिये। इसके अतिरिक्त मकान में कोई नहीं आया। 



 पुलिस ने पति पत्नी के शव केा पीएम के भेजने के बाद  आर्यन से पूछताछ की तो उसने शुरूआत में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी की फुटेज उसे दिखाई तो उसके होश फाक्ता हो गये। वही पुलिस ने आर्यन की रात को 12 बजे अपने पिता को गयी कॅाल में आर्यन पूरी तरह फंस गया। आर्यन ने पुलिस का बताया कि सोमवार की रात को आर्यन 9.45 मिनट पर दिल्ली के कह कर  निकला था। इससे पूर्व दोस्त आदित्य ने दादा दादी को मैंगों शेक में बेहोशी की दवा पिला दी। उसके बाद वह खैरनगर में गया । वहां से चाकू खरीद कर रात को 11.43 बजे अपने दोस्त आदित्य के घर पहुंचा। दोस्त को साथ लेकर पिता को 12 बजे कॉल कर दरवाजा खुलवाया। उसने बताया कि निशाना पिता था लेकिन मॉ की आंख खुलने पर उनकी भी हत्या कर दी।  

 जांच पडताल में इस बात का भी पता चला है। दोनो मकान के अंदर करीब दो घंटा दस मिनट तक रहे। एक बजकर 53 मिनट पर आरोपी बाहर आकर फरार हो गये। पुलिस ने स्कूटी व खून से सने कपडों को आदित्य के पास से बरामद किया। 

 वही पूछताछ के दौरान आर्यन ने बताया कि पिता का मॉ के साथ आए दिन मारपीट के कारण मानसिक तनाव में आ गया था। हत्या वाले दिन भी पित का मा के साथ झगडा हुआ  था। वह इसे बर्दास्त नहीं कर पा रहा था। जिस पर उनने गुरूग्राम से दोस्त आदित्य बुलाया को पिता की हत्या की प्लानिंग कर दी। 

 दादा -दादी के बारे में नहीं सोचा 

 इस हत्याकांड का दुखदायी पहलू यह है। उनके बेटे का साया सिर से उठ गया। अब बुजुर्ग की देखभाल कौन करेगा।दोनो जिंदगी के अंतिम पडाव पर है। दोनाे ही बीमार रहते है। बेटी को गुरूग्राम में नौकरी करती है। उसकी शादी हो जाएगी वह अपने सुसराल चली जाएगी। आखिर उनका सहारा कौन बनेगा। 

















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