प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर  स्वास्थ्य केन्द्रों पर हुई प्रसव पूर्व जांच 
नयी गाइड लाइन के साथ अब  माह में चार बार मनाया जाएगा पीएमएसएमए डे 
 मेरठ। जनपद में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से हर महीने की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम में जनपद के समस्त स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती की निशुल्क ब्लड  प्रेशर, वजन, हीमोग्लोबिन व पेट की जांच की जाती है। 
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया- नौ सितंबर को जनपद के जिला अस्पताल सहित जिले के बारह ब्लॉक के स्वास्थ्य केन्द्रों , जिला महिला अस्पताल , लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में नयी गाइड लाइन के साथ  प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें  गर्भवती की ब्लड प्रेशर, वजन, हीमोग्लोबिन व पेट की जांच निशुल्क की गई। उन्होंने कहा- सभी गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच होना आवश्यक है, जिससे समय पर जोखिम की पहचान कर मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को सही खानपान के बारे में जानकारी दी गई, जिससे जच्चा बच्चा सुरक्षित रह सकें। 
 उन्होंने बताया नयी गाइड लाइन के अनुसार अब एक माह में एक , नौ, 16 व 24 को प्रधानमंत्री मातृ सुरक्षित दिवस मनाया जाएगा। इसी के तहत यह 16 को यह दिवस मनाया गया। 

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के तहत गर्भवती को बेहतर सुविधा देना विभाग का लक्ष्य है। उन्होंने कहा स्वास्थ्य इकाइयों तक आने वाली अधिकतर गर्भवती संसाधन विहीन, वंचित समुदाय से तथा दूर दराज के गांवों से आती हैं। अतः प्रयास किया जाता है कि आने वाली समस्त गर्भवती को उसी दिन सभी जाँच (ब्लड टेस्ट, ब्लड प्रेशर, यूरिन टेस्ट, हीमोग्लोबिन, अल्ट्रासाउंड) निःशुल्क प्रदान की जायें, जिससे उन्हें बार-बार स्वास्थ्य इकाई पर न आना पड़े। यदि सम्बन्धित चिकित्सालय पर कोई जांच उपलब्ध नहीं है, तो उच्च स्तरीय इकाई पर संदर्भित कर निःशुल्क सेवा प्रदान की जाती है। गर्भावस्था व प्रसव के समय होने वाले जोखिम से माँ एवं शिशु को बचाने के लिए प्रसव पूर्व जांच होना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के तहत नौ सितंबर को सीएचसी पहासू पर गर्भवती की जांच की गई। उन्होंने बताया गर्भावस्था में जब जटिलताओं की संभावना अधिक होती है तो, उस गर्भावस्था को हाई रिस्क प्रेगनेंसी ( उच्च जोखिम वाली गर्भवस्था) में रखा जाता है और इसका पता लगाने के लिए प्रशिक्षित चिकित्सक के द्वारा प्रसव पूर्व सम्पूर्ण जांच कराना बहुत जरूरी होता है। उन्होंने बताया आशा कार्यकर्ताओं की ज़िम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र की सभी गर्भवती को इस दिवस पर केंद्र पर लाकर उनकी जांच करवाएं।

जिला परामर्शदाता मातृ स्वास्थ्य परार्मश दाता इलमा अजीम  ने बताया- जनपद में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर दूसरी व तीसरी तिमाही की गर्भवती पर फोकस किया जाता है। जांच के उपरांत उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली गर्भवती को चिन्हित किया जाता है। उनकी स्थिति के हिसाब से उन्हें उच्च स्वास्थ्य केन्द्र पर रेफर किया जाता है।नयी गाइड लाइन के अनुसार अब माह में चार बार यह दिवस मनाया जाएगा। 

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