अब यूनिक नम्बर से एक अधिक संपत्ति रखने वालों की खुलेगी पोल

2.74 लाख अधिक संपत्तियों के यूनिक नंबर की तैयारी में जुटा नगर निगम
मेरठ। अब आपके मकान, दुकान, प्रतिष्ठान का एक यूनीक नंबर जारी होगा। इससे आसानी से पता चल जाएगा कि आपकी संपत्ति, आवासीय,व्यावसायिक अथवा मिश्रित है। तीन कैटेगरी को लेकर आपकी संपत्ति का यूनिक नंबर जारी किया जाएगा।  शहर में स्थित दो लाख 74 हजार से अधिक संपत्तियों के यूनिक नंबर की तैयारी नगर निगम की ओर से प्रारंभ कर दी गई है।
शासन से मिले एक आदेश जारी कर नगर निगम से कहा है कि शहरी क्षेत्र की संपत्तियों के लिए यूनिक प्रॉपर्टी आईडी जनरेट की जाए ताकि संपत्तियों को अलग पहचान मिल सके। ऐसे ही यूनिक प्रापर्टी आईडी विकास प्राधिकरण, आवास विकास भी जेनरेट करेगा। ऐसा भारत सरकार की नई गाइडलाइन के तहत किया जाना है। नगर आयुक्त डॉ.अमित पाल शर्मा ने अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिये हैं। आदेश के तहत जहां इससे संपत्तियों की अलग पहचान होगी। वहीं निगम को टैक्स लगाना आसान होगा। टैक्स चोरी भी मुश्किल हो जाएगी।
नहीं चलेगा खेल
 अधिकारियों के अनुसार सभी संपत्तियों का यूनीक नंबर जारी होने से बड़ा फर्क आवासीय में व्यवसायिक को लेकर पड़ेगा। यदि संपत्ति आवासीय है तो यूनीक नंबर आर से यदि व्यवसायिक या अनावसीय है तो एन से जारी होगा। मिश्रित संपत्ति के लिए एम से यूनिक नंबर जारी होगा।
17 डिजिट में सब कुछ होगा
शासन के आदेश के तहत 17 डिजिट के यूनिक नंबर में पहले दो अंकों में प्रदेश का कोड होगा। तीन से पांच अंक तक स्थानीय निकाय का कोड होगा। बाद छह से सात अंक निकाय के जोनल काए फिर आठ से 10 अंक निकाय बोर्ड का कोड 11 से 16 अंक संपत्ति कोड और 17 अंक विशेष अक्षर.आरएएमएएन होगा।
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, अवधेश कुमार ने कहा कि शासन के निर्देश के तहत नगर निगम में कार्रवाई चल रही है। इसके लिए जीआईएस सर्वे आधार होगा। प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।

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