नोएडा। सुपरटेक ट्वीन टावर मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसमें 4 आईएएस अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई किया जाना शामिल है। सुपरटेक बिल्डर द्वारा नोएडा में ट्वीन टावर बनाया गया था जिसको अवैध मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसे गिराने का आदेश दिया था। आज गिराए जाने की अंतिम तारीख थी लेकिन वह गिराया नहीं जा सका। जिसके बाद नोएडा अथॉरिटी सुप्रीम कोर्ट से 6 महीने की समय अवधि और लेने जा रही है। इसके लिए न्यायालय में याचिका दाखिल की जाएगी। इस मामले में गठित उच्चस्तरीय समिति की जांच रिपोर्ट के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 आईएएस अफसरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने का मन बना लिया है।

सूत्रों के मुताबिक 4 आईएएस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जो इस आवंटन के समय नोएडा में तैनात थे। बताया जाता है कि नोएडा के तत्कालीन चेयरमैन मोहिंदर  सिंह, सीईओ एसके दि्वेदी समेत एसीईओ आरपी अरोड़ा, पीएन बाथम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि उनके खिलाफ उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही पूरी रिपोर्ट आएगी तो तत्कालीन सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी कार्रवाई की जा सकती है। चार अधिकारियों में दो मुजफ्फरनगर में भी तैनात रह चुके है। मोहिंदर सिंह 1989 में मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी और आरपी अरोड़ा मोरना चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक तैनात रह चुके है, दोनों ही सेवा निवृत हो चुके है। 

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