डॉ. अशोक कुमार वर्मा
दीवाली दीयों का त्यौहार
श्री रामचंद्र जी के अयोध्या लौटने का पर्व
पूरा भारतवर्ष मना रहा
पूरा जग जगमग जगमग नभ तक छा रहा
श्री रामचंद्र जी का भाई चारे का सन्देश
मर्यादा पुरोषत्तम श्रीराम जी के गुण गा रहा
ऊंच नीच का भेदभाव मिटा, श्री रामचंद्रजी शबरी के झूठे बेर खा रहा
सबको साथ लेकर श्रीलंका पर विजय पताका का ध्वज लहरा रहा
पापियों का संहार कर, ऋषियों की लाज बचा रहा
हे मानव, तू श्री रामचंद्र जी के सन्देश को क्यों भूलता जा रहा
अपने ही हाथों अपने काल को क्यों बुला रहा
पर्यावरण को क्षति क्यों पहुंचा रहा, पर्यावरण को क्षति क्यों पहुंचा रहा
दीवाली और अन्य हर्ष अवसर पर आतिशबाज़ी करके तू क्या जता रहा
तू अपने ही धन को क्यों धूंवें में उड़ा रहा
जो आनद तुझे आतिशबाज़ी से आ रहा
वो धन जरूरतमंदों की सेवा में तो लगा
आत्मिक आनंद न मिले तो बता
दीवाली दीयों का त्यौहार
सबके घर में हो मंगल मंगल मंगल
यही श्री राम जी से मांग करता हूँ हर क्षण हर बार
डॉ. अशोक कुमार वर्मा

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