मेरठ। थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मोहन में एक अपनी तरह का अनोखा मामला प्रकाश में आया है। जहां एक महिला ने शादी की तीन माह एक बच्चें को जन्म दियाहै। अब पति ने पत्नि के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि उनकी पत्नि ने उसे धोखा दिया है।
इस साल 18 मार्च 2021 को गाजियाबाद लोहिया नगर की रहने वाली लड़की की शादी मोहनपुरी निवासी एक युवक से हुई थी। शादी के बाद से पति उसके बाहर निकले पेट को लेकर पूछताछ करता तो लड़की कहती थी कि उसका पेट निकला हुआ ही है क्योंकि उसको गैस की समस्या है। शादी के कुछ दिनों बाद दोनों अपने दोस्तों के साथ हनीमून मनाने भी गए। वहां भी दोस्तों ने और उनकी पत्नियों ने पूछा तो वहां भी उसने यही कहा कि गैस की समस्या है।
काउंसिलिंग के दौरान पति ने बताया कि इन सबके बावजूद भी हमें शक नहीं हुआ बस उसका व्यवहार अजीब लगता था क्योंकि वह काफी खामोश रहती थी। एक महीने बाद ही पत्नी ने बताया कि वह प्रेग्नेंट है। इस बात से मुझे खुशी हुई कि मैं पिता बनने वाला हूं। लॉकडाउन चल रहा था और कोविड की दूसरी लहर भी चल रही थी जिसकी वजह से डॉक्टर ने क्लीनिक पर ना देखकर ऑनलाइन विडियो काल पर समस्या पूछकर कुछ मल्टीविटामिन वगैरा लिख दिया। फिर 25 जून को जब कुछ लॉकडाउन में कुछ छूट मिली तो चेकअप के लिए चिकित्सक के क्लीनिक गए वहां जब अल्ट्रासाउंड हुआ तो डाक्टर ने बताया कि बच्चा तो आठ महीने से ज्यादा का है और डिलीवरी कभी भी हो सकती है। यह सुनकर उसे आश्चर्य हुआ उल्टे डाक्टर पर आरोप लगाने लगा कि आप गलत रिपोर्ट बता रहे हैं। उनकी शादी को अभी तीन महीने ही हुए हैं। लेकिन जब चिकित्सक ने कहा कि रिपोर्ट कंफर्म है और गर्भ आठ महीने से अधिक का है तो वह सकते में आ गया। उनसे अपने सास.ससुर को फोन किया। जिसके बाद वह रात में ही अपनी बेटी को अपने घर ले गए। उसके बाद पता चला कि 26 जून को बेटा पैदा हो गया। इस मामले में नवविवाहिता की मां का भी कहना था कि उन्हें कोई जानकारी नहीं थी कि बेटी पहले से प्रेग्नेंट है। इसके अलावा लॉकडाउन होने के कारण शादी के बाद वह एक बार भी घर नहीं आ पाई थी।
मां का कहना था कि बेटी डिप्रेशन में है और एक शब्द भी नहीं बोलती है इसलिए कोई भी जानकारी नहीं मिल पा रही कि मामला क्या है। पति का कहना है कि उसके साथ धोखे से शादी की गई है। यह शादी मान्य ही नहीं इसलिए समझौता का कोई सवाल ही नहीं उठता।



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