उच्च प्रशिक्षण के साथ स्वयं का रोजगार स्थापित करने हेतु धनराशि प्राप्त करना होगा छात्रों के लिये आसान
मेरठ। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहने वाले आईआईएमटी विश्वविद्यालय की ख्याति में एक और आयाम जुड़ गया है। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के इन्क्यूबेटर को शासकीय मान्यता मिल गयी है। इन्क्यूबेटर के माध्यम से छात्रों को अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिये उपयुक्त प्रशिक्षण और आवश्यक धनराशि आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को पूर्ण करने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्टअप नीति- 2020 के अन्र्तगत अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार की अध्यक्षता में गठित नीति कार्यान्वयन इकाई ने आईआईएमटी विश्वविद्यालय के इन्क्यूबेटर को शासकीय मान्यता हेतु अनुमोदन प्रदान कर दिया। स्टार्ट-अप नीति-2020 में इन्क्यूबेटर्स को प्रौद्योगिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापनाध्क्षमता विस्तार के लिए पूंजीगत अनुदान तथा परिचालन व्ययों की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था है।
आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री योगेश मोहनजी गुप्ता ने इन्क्यूबेटर को शासकीय मान्यता मिलने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इन्क्यूबेटर छात्रों को उच्च प्रशिक्षण देने के साथ स्वयं का रोजगार स्थापित करने का अवसर देगा। केंद्र और प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये चलायी जा रही योजनाओं के लिये कुलाधिपति महोदय ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का आभार व्यक्त किया।
आईआईएमटी समूह के महाप्रबंधक श्री मयंक अग्रवाल जी ने कहा कि उच्च शिक्षा प्रदान करने वाला आईआईएमटी विश्वविद्यालय छात्रों को रोजगार के अधिकाधिक अवसर प्रदान करने के लियेे दृढ़संकल्पित है। विश्वविद्यालय के इन्क्यूबेटर्स से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा स्वयं का रोजागर स्थापित करने और देश के विकास में योगदान देने में सक्षम होंगे।
आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एचएस सिंह ने इन्क्यूबेटर को शासकीय मान्यता प्राप्त होने पर बधाई देते हुए कहा कि इससे छात्रों को स्वयं रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के इन्क्यूबेटर को शासकीय मान्यता मिलने में दीपा शर्मा एडवाईजर एंड डीन रिसर्च एंड प्लानिंग और उनकी आरएंडीडी टीम का विशेष योगदान रहा।

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