मेरठ। कोरोना संक्रमण पर लगाम कसने के लिए शनिवार से 18 से 44 वर्ष तक की उम्र के व्यक्तियों के लिए वैक्सीनेशन का रास्ता खुल गया है। मेरठ में 10 सेंटरों पर दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक वैक्सीनेशन की प्रक्रिया चली। इस दौरान जहां वैक्सीनेशन को लेकर लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिला। वहीं कई वैक्सीनेशन सेंटरो पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। ऐसे में कोरोना संक्रमण की गति को रोक पाना भी अपने आपने बड़ा सवाल है। बताते चलें मेरठ जिले में वैक्सीनेशन के लिए 10 सेंटर बनाए गए हैं। जिनमें जिला चिकित्सालय के रेड क्रॉस विभाग, आईसीयू और डफरिन हॉस्पिटल में फर्स्ट फ्लोर पर अलग-अलग तीन सेंटर बनाए गए हैं। इसी के साथ लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लाइब्रेरी एक और दो में अलग-अलग दो सेंटर बनाए गए। वहीं एक सेंटर कैंटोनमेंट हॉस्पिटल, एक सेंटर सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय, एक सेंटर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, एक सेंटर मुल्तान नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय और एक सेंटर रजपुरा पीएचसी में बनाया गया था। सुबह से ही वैक्सीनेशन सेंटरों के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। आलम यह हुआ कि दोपहर 12 बजे वैक्सीनेशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कई सेंटरों पर अफरा-तफरी के हालात बन गए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों को कई बार लाठियां भी फटकारनी पड़ीं। कैंटोनमेंट हॉस्पिटल सहित कई वैक्सीनेशन सेंटरो पर लगी लंबी कतार में लोग एक-दूसरे से चिपके नजर आए। सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ीं। जिसके चलते संक्रमण पर लगाम कसने के लिए की जा रही वैक्सीनेशन की प्रक्रिया भी मजाक बन कर रह गई। हालांकि वैक्सीनेशन के बाद युवाओं ने इसे एक अच्छा अनुभव बताते हुए अन्य लोगों से भी वैक्सीन लगवाने की अपील की।
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