मेरठ। गाजीपुर बॉर्डर पर पिछले पांच महीने से धरने पर बैठे मेरठ के बाबा ईलम सिंह (97) नहीं रहे। सोमवार रात उन्होंने मेरठ स्थित घर पर अंतिम सांस ली। वह बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की टीम के सिपाहियों में प्रमुख थे।
मूल रूप से कंकरखेड़ा क्षेत्र के जंगेठी गांव निवासी बाबा ईलम सिंह फिलहाल परिवार सहित नंगला ताशी बाइपास पर रहते थे। दिल्ली में गाजीपुर बॉर्डर पर जबसे किसान आंदोलन शुरू हुआ, तब पहले दिन से वह धरने पर बैठे हुए थे। राकेश टिकैत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस आंदोलन में हुंकार भरते रहे। करीब 15 दिन पहले तबीयत खराब होने पर वह घर लौट आए। घर पर ही उनका उपचार चल रहा था। सांस लेने में दिक्कत थी। सोमवार रात करीब 12 बजे उनका निधन हो गया।

भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी के अनुसार, बाबा ईलम सिंह उस वक्त मेरठ के जिलाध्यक्ष रहे थे जब बाबा महेंद्र सिंह टिकैत इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। बाबा ईलम, बाबा टिकैत की टीम के सदस्य रहे हैं। दोनों ने साथ-साथ तमाम आंदोलन किए और किसानों की आवाज को धार दी।

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