देहदान, अंगदान और नेत्रदान का संकल्प लेने वाले 27 महानुभाव सम्मानित

विधायक अमित अग्रवाल ने सेवा संकल्प अभियान के तहत किया सम्मान, मानवता की सेवा के लिए आगे आने का आह्वान

मेरठ, वरिष्ठ संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शनिवार को मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने अपने कैंप कार्यालय पर देहदान, अंगदान एवं नेत्रदान का संकल्प लेने वाले 27 महानुभावों को सम्मानित किया। विधायक ने सभी संकल्पकर्ताओं को पटका एवं पगड़ी पहनाकर तथा सम्मान-पत्र प्रदान कर उनके सेवा भाव की सराहना की।

कार्यक्रम में सात लोगों ने देहदान, चार ने अंगदान और 16 लोगों ने नेत्रदान का संकल्प लिया। इस अवसर पर मानवता की सेवा, निस्वार्थ समर्पण और परोपकार का संदेश दिया गया। संकल्पकर्ताओं ने अपने निर्णय के माध्यम से यह प्रेरणा दी कि व्यक्ति अपने जीवन के बाद भी दूसरों के काम आ सकता है और जरूरतमंदों के जीवन में नई आशा जगा सकता है।

देहदान करने वाले सात लोगों का सम्मान

देहदान का संकल्प लेने वालों में अजय गुप्ता, कमल नयन बत्रा, कृष्णा रस्तोगी, राजपाल सिंह, जीवन दास गुलाटी, राजीव अरोड़ा और प्रीति अरोड़ा शामिल रहे। देहदान को मानवता के प्रति समर्पण और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक बताते हुए इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

अंगदान से जरूरतमंदों को मिल सकती है नई जिंदगी

अंगदान का संकल्प लेने वालों में दीनानाथ गुलाटी, अरविंद रस्तोगी, श्रुति अग्रवाल और मनमोहन ढल शामिल रहे। कार्यक्रम में कहा गया कि अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाकर जरूरतमंद मरीजों को जीवन की नई उम्मीद दी जा सकती है। यह संकल्प दूसरों के दुख-दर्द को समझने और मानव कल्याण के लिए आगे आने की प्रेरणा देता है।

नेत्रदान करने वाले 16 संकल्पकर्ता सम्मानित

नेत्रदान का संकल्प लेने वालों में भावेश मेहता, अनिल चड्ढा, मुकुल अरोड़ा, गुलशन सचदेवा, अशोक चौपड़ा, विजय अरोड़ा, भीष्म लाल शर्मा, गुरुदत्त अरोड़ा, राजन खन्ना, अमित कक्कड़, मनमोहन आहूजा, पायल जैन, प्रमोद सिंह, कुमकुम गोयल, ज्योति शर्मा और जसमीत सिंह चड्ढा शामिल रहे। इस दौरान नेत्रदान को दृष्टिबाधित जरूरतमंदों के जीवन में रोशनी की उम्मीद जगाने वाला महत्वपूर्ण मानवीय कार्य बताया गया।

सेवा, समर्पण और मानवता ही अभियान का उद्देश्य: अमित अग्रवाल

विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि देहदान, अंगदान और नेत्रदान जैसे संकल्प मानवता के प्रति समर्पण, निस्वार्थ सेवा और परोपकार के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। इनके माध्यम से व्यक्ति अपने जाने के बाद भी जरूरतमंदों के काम आ सकता है। समाज में ऐसे कार्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, समर्पण, राष्ट्रहित और जनभागीदारी की प्रेरणा देते हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा कार्यों से जोड़ने और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

अमित अग्रवाल ने सभी 27 संकल्पकर्ताओं के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। ऐसे प्रयास अन्य लोगों को भी मानव कल्याण और सामाजिक सेवा के कार्यों में भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगे।

जनभागीदारी से व्यापक बनेगा सेवा अभियान

कार्यक्रम में सेवा के कार्यों को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक सामाजिक अभियान बनाने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि देहदान, अंगदान और नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाकर समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और परोपकार की भावना को मजबूत किया जा सकता है। कार्यक्रम का संदेश रहा कि मानवता की सच्ची सेवा वही है, जिससे किसी जरूरतमंद को सहारा मिले और किसी के जीवन में आशा की नई किरण जगे।

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