विश्व खाद्य दिवस पर 100 कामकाजी महिलाओं को पोषण किट, संतुलित आहार के प्रति किया जागरूक

सबहेड: सात्विकदान फाउंडेशन की ‘सेहत की थाली’ पहल; कम खर्च में पौष्टिक भोजन तैयार करने के बताए आसान तरीके

मुंबई, 16 अक्टूबर। विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर सात्विकदान फाउंडेशन ने मुंबई के भांडुप में ‘सेहत की थाली/आरोग्याची थाली’ पहल के तहत करीब 100 आर्थिक रूप से कमजोर कामकाजी महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी दी और भोजन सहायता के लिए पोषण किट वितरित कीं। श्याम नगर, शंकर नगर और भांडुप ईस्ट की इन महिलाओं में घरेलू सहायिकाएं, निर्माण श्रमिक और छोटे उद्योगों व रेहड़ी-पटरी जैसे असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं शामिल रहीं।

पहल का उद्देश्य महिलाओं को संतुलित भोजन के महत्व से परिचित कराना और सीमित घरेलू बजट में भी पौष्टिक आहार अपनाने के व्यावहारिक तरीके बताना था। कार्यक्रम में दाल, सोया चंक्स, मूंगफली, भुना चना और मौसमी हरी सब्जियों जैसी आसानी से उपलब्ध खाद्य सामग्री से प्रोटीन, आयरन और अन्य पोषक तत्व प्राप्त करने की जानकारी दी गई। साथ ही, पोषण से जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करने के लिए बातचीत, चित्रों और सवाल-जवाब का सहारा लिया गया।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि सहायक श्रम आयुक्त (मुंबई शहर) राजश्री पाटिल ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं रोजाना शारीरिक मेहनत करती हैं, लेकिन अक्सर उनके पोषण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने महिलाओं को भोजन सहायता के साथ उपयोगी पोषण संबंधी जानकारी देने की पहल की सराहना की। कार्यक्रम में महिलाओं को दालें अंकुरित करने, अनाज के साथ दालों का सेवन करने और भोजन में मौसमी सब्जियों की मात्रा बढ़ाने जैसे आसान उपाय भी बताए गए।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019-21) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में 15 से 49 वर्ष की 57 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित थीं। कार्यक्रम में इस चुनौती के मद्देनजर सही पोषण के महत्व पर जोर दिया गया। महिलाओं को बताया गया कि संतुलित आहार शरीर की ऊर्जा और शारीरिक कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद करता है।

पहल के तहत प्रत्येक महिला को वितरित पोषण किट में दालें, सोया चंक्स, मूंगफली, भुना चना, गुड़, खाना पकाने का तेल, आयोडीन युक्त नमक और चावल शामिल थे। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली इन खाद्य सामग्रियों से परिवारों को तत्काल भोजन सहायता देने के साथ पौष्टिक खानपान को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

सात्विकदान फाउंडेशन के सीईओ इपे वॉलियावेटिल ने कहा कि कम आय वाले परिवारों में महिलाएं पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं, लेकिन कई बार अपनी सेहत और पोषण को प्राथमिकता नहीं दे पातीं। उन्होंने कहा कि केवल भोजन उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि महिलाओं को ऐसी जानकारी और उपाय देना भी जरूरी है, जिन्हें वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपना सकें। फाउंडेशन का उद्देश्य महिलाओं के साथ मिलकर कम खर्च में संतुलित, आयरन और प्रोटीन से भरपूर भोजन की आदतों को प्रोत्साहित करना है।

फाउंडेशन के अनुसार, ‘सेहत की थाली/आरोग्याची थाली’ पहल का लक्ष्य केवल खाद्य सामग्री बांटना नहीं, बल्कि महिलाओं को पोषण के प्रति जागरूक बनाना और उनके अनुभवों को महत्व देते हुए बेहतर खानपान के व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध कराना है।

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