शामली एनकाउंटर पर मानवाधिकार आयोग सख्त, डीएम से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
मोहित-सुमित की पुलिस मुठभेड़ में मौत की स्वतंत्र जांच की मांग पर 13 नवंबर तक रिपोर्ट तलब, 16 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
शामली। शामली के अंकित बालियान हत्याकांड के कथित आरोपियों मोहित और सुमित की पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता दिखाई है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की ओर से दाखिल शिकायत पर आयोग ने शामली के जिलाधिकारी से मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने जिलाधिकारी को 13 नवंबर 2026 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले को आगामी 16 नवंबर 2026 को सूचीबद्ध किया गया है। आयोग ने अपने आदेश में 31 अगस्त को शामली के पुलिस अधीक्षक की ओर से भेजी गई रेडियोग्राम/फैक्स/ईमेल सूचना का अवलोकन किए जाने का भी उल्लेख किया है।
अमिताभ ठाकुर ने शिकायत में मुठभेड़ की परिस्थितियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत में 30 अगस्त की रात 8:19 बजे पत्रकार अरुण चहल द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट का भी उल्लेख किया गया, जिसमें दो आरोपियों के पुलिस के हत्थे चढ़ने और उसी रात मुठभेड़ की आशंका जताई गई थी।
शिकायतकर्ता ने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सामने आए घटनाक्रम और बाद में सामने आए तथ्यों की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने मुठभेड़ की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग आयोग के समक्ष रखी।
पिता के आरोपों की जांच की भी मांग
अमिताभ ठाकुर ने सुमित के पिता धर्मपाल के बयान की भी स्वतंत्र जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, धर्मपाल ने पुलिस पर अपने दूसरे बेटे के साथ थर्ड डिग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया था।
मानवाधिकार आयोग द्वारा डीएम से विस्तृत रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद अब मामले में प्रशासन की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आयोग के स्तर पर रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
नोट: मुठभेड़ और पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोप शिकायतकर्ता एवं परिजनों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और आयोग की आगामी कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।


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