कृषि शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा नया आयाम, महावीर विवि व जनता वैदिक कॉलेज के बीच एमओयू
पाठ्यक्रम विकास, RAWE-ELP, इंटर्नशिप और संयुक्त शोध कार्यक्रमों पर बनी सहमति
विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण और क्षेत्रीय अनुभव, जल्द होंगे औपचारिक हस्ताक्षर
मेरठ। महावीर विवि के कॉन्फ्रेंस रूम में फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंस, महावीर विश्वविद्यालय तथा फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर, जनता वैदिक कॉलेज, बड़ौत, बागपत के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) को लेकर इंटरैक्टिव चर्चा आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य कृषि शिक्षा, अनुसंधान और व्यावहारिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक सहयोग को मजबूत करना रहा।
बैठक में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई। प्रस्तावित एमओयू के तहत अकादमिक पाठ्यक्रम के विकास एवं समन्वय, रूरल एग्रीकल्चरल वर्क एक्सपीरियंस (RAWE), एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम (ELP), संयुक्त प्रशिक्षण एवं कार्यशालाएं, विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, संयुक्त सम्मेलन व सेमिनार तथा शिक्षकों एवं शोधार्थियों के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
प्रतिभागियों ने इन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अकादमिक और संचालन संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। दोनों संस्थानों का मानना है कि इस साझेदारी से विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ खेत और क्षेत्र स्तर पर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। साथ ही, शोध एवं ज्ञान के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।
महावीर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. सर्वोत्तम दीक्षित ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग जरूरी है। ऐसी साझेदारी से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और नए अवसर मिलेंगे तथा कृषि क्षेत्र में शोध और नवाचार को गति मिलेगी।
जनता वैदिक कॉलेज, बड़ौत के प्राचार्य प्रो. डॉ. गजेंद्र प्रताप सिंह ने प्रस्तावित साझेदारी को विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक एवं शोध सहयोग मजबूत होगा और क्षेत्र में कृषि शिक्षा को नई दिशा मिल सकती है।
बैठक में डॉ. अनुज कुमार, हेड, फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंस; डॉ. शिखा शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, महावीर विश्वविद्यालय; प्रो. (डॉ.) अमित नागर तथा प्रो. (डॉ.) अभय विक्रम सिंह, जनता वैदिक कॉलेज, बड़ौत सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी प्रतिभागियों ने प्रस्तावित एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
दोनों संस्थानों ने प्रस्तावित एमओयू को लेकर सकारात्मक रुख व्यक्त किया। उनका कहना है कि समझौते के बाद विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और क्षेत्रीय अनुभव के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही कृषि शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रस्तावित एमओयू पर औपचारिक हस्ताक्षर जल्द किए जाने की संभावना है। इसके बाद दोनों संस्थानों के बीच कृषि शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में संरचित और पारस्परिक सहयोग की शुरुआत होगी।


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