मेरठ की शिक्षिका शीतल देवल का राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयन, शिक्षक दिवस पर होंगी सम्मानित
भौतिक विज्ञान में नवाचार के लिए ‘भारत के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार’ से होंगी सम्मानित, प्रकाश की घटनाएं समझाने वाला बनाया अनोखा उपकरण
मेरठ। राजकीय हाईस्कूल कुढला की शिक्षिका शीतल देवल ने अपने नवाचार और शिक्षण शैली से मेरठ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। शिव नाडर प्रतिष्ठान भारत और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, ब्रिटेन के सैद बिजनेस स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘भारत के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार’ के लिए भौतिक विज्ञान विषय में उनका चयन हुआ है। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
शीतल देवल पिछले कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों को कठिन वैज्ञानिक अवधारणाएं सरल तरीके से समझाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने प्रकाश की विभिन्न घटनाओं को एक ही मंच पर प्रत्यक्ष रूप से प्रदर्शित करने वाला एक अनोखा शिक्षण उपकरण तैयार किया है।
एक उपकरण से समझेंगे भौतिक विज्ञान के कई सिद्धांत
शीतल देवल द्वारा तैयार किया गया उपकरण कम लागत वाला और पूरी तरह सुरक्षित है। इसकी मदद से विद्यार्थी अपवर्तनांक, व्यतिकरण, विवर्तन, ध्रुवण और फोकस दूरी जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सिद्धांतों को आसानी से समझ सकते हैं।
इस नवाचारी शिक्षण-अधिगम सामग्री को समग्र शिक्षा माध्यमिक उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित शिक्षण सामग्री प्रदर्शनी में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान भी मिल चुका है।
एकस्व अधिकार के लिए भेजा गया उपकरण
शीतल देवल के इस अनोखे प्रयोग को अब एकस्व अधिकार (पेटेंट) के लिए भेजा गया है। उनके नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान से शिक्षा जगत के साथ-साथ मेरठ का नाम भी गौरवान्वित हुआ है।
शिक्षिका का मानना है कि विज्ञान को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उसे प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए तो कठिन विषय भी आसानी से समझे जा सकते हैं। उनके इसी नवाचार और प्रभावी शिक्षण प्रयास को देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान के लिए चयन का आधार माना गया है।


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