दो सितंबर को हर कीमत पर मेरठ बंद का ऐलान, व्यापारी आंदोलन पर अडिग
संयुक्त व्यापार संघ के पीछे हटने के बावजूद कई व्यापारी संगठन लामबंद, किसान और अधिवक्ताओं ने दिया समर्थन
मेरठ। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और राहत की मांग को लेकर दो सितंबर को प्रस्तावित मेरठ बंद को लेकर व्यापारियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। लखनऊ से आए अपर आवास आयुक्त एवं सचिव नीरज शुक्ला समेत अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक कर बंद टालने की अपील की, लेकिन व्यापारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। व्यापारियों ने स्पष्ट कहा कि सरकार यदि राहत की ठोस नीति का लिखित मसौदा जारी कर दे तो बंद टाला जा सकता है, अन्यथा दो सितंबर को मेरठ बंद हर हाल में होगा।
मेरठ व्यापार बचाओ संयुक्त आंदोलन समिति की बैठक में जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह और अधीक्षण अभियंता राहुल यादव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए आंदोलन टालने की अपील की और आशंका जताई कि असामाजिक तत्व बंद का फायदा उठाकर माहौल खराब कर सकते हैं। इस पर व्यापारियों ने कहा कि वे लगातार तीन दिन से बंद स्थगित करने का दबाव झेल रहे हैं। यदि सरकार व्यापारियों और आवासीय लोगों को राहत दिला दे तो बंद की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
समिति अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने कहा कि सरकार पहले प्रभावित व्यापारियों और आवासीय लोगों को राहत दे तथा नई नीति जल्द लागू करे। कार्रवाई पर रोक और ठोस समाधान सामने आने के बाद ही आंदोलन को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन ने भी आंदोलन के समर्थन में विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क किया।
अधिवक्ताओं ने दिया समर्थन
व्यापारियों ने गुरुवार को जनसंपर्क अभियान चलाकर विभिन्न व्यापारिक संगठनों और आम लोगों से बंद के समर्थन की अपील की। जिला बार एसोसिएशन और मेरठ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान अधिवक्ताओं ने आंदोलन को समर्थन देने और दो सितंबर को बड़ी संख्या में शामिल होने की बात कही।
व्यापारी नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आवासीय लोगों के हित और न्याय की मांग को लेकर है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर आंदोलन में सहयोग करने की अपील की।
किसानों ने भी आंदोलन में उतरने की दी चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन धन सिंह कोतवाल के प्रदेश अध्यक्ष नितेश पंवार ने कहा कि यदि व्यापारियों और किसानों की रोजी-रोटी पर संकट आया तो संगठन मजबूती से उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई रुकने पर आंदोलन समाप्त किया जा सकता है, लेकिन कार्रवाई जारी रही तो व्यापारी और किसान मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
दो सितंबर को मेरठ बंद के साथ आवास विकास कार्यालय, शास्त्रीनगर के घेराव की भी तैयारी की जा रही है। हापुड़ रोड, जैन नगर, सराफा बाजार और माधवपुरम समेत कई क्षेत्रों में व्यापारियों ने जनसंपर्क कर बंद को सफल बनाने की अपील की है।
संयुक्त व्यापार संघ के बंद को लेकर पीछे हटने के बावजूद आंदोलन से जुड़े अन्य व्यापारिक संगठन इसे हर हाल में सफल बनाने का दावा कर रहे हैं। अब सभी


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